संत कबीर नगर में आयुष्मान योजना के 10 अस्पतालों पर गिरी गाज, जिलाधिकारी ने दिए कार्रवाई के निर्देश_____________________
राघवेन्द्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर
संत कबीर नगर, 04 अगस्त 2026, जिलाधिकारी आलोक कुमार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जनपद के इम्पैनल्ड अस्पतालों की समीक्षा की। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा गठित टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर ये बड़े फैसले लिए गए।
जिलाधिकारी द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनान्तर्गत वर्ष 2018 से 2024 तक जनपद में इम्पैनल हुई चिकित्सालयों की गठित टीम से गाइड लाइन के अनुसार परीक्षण कराने के उपरान्त प्राप्त आख्या की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी द्वारा जांच टीमों द्वारा चिकित्सालयों में निरीक्षणोपरान्त पायी गयी कमियों की चिकित्सालयवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
जांच में मानक पूरे न करने, बिना रजिस्ट्रेशन संचालन, डॉक्टर की उपलब्धता न होने एवं उपस्थित स्टाफ के प्रशिक्षित न होने आदि के कारण 10 अस्पतालों की स्थिति संतोषजनक नहीं पायी गयी। इन 10 अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इन अस्पतालों में सेहर मेमोरियल हॉस्पिटल, ग्राम निघुरी बाजार, संत कबीर नगर, न्यू केयर हास्पिटल निकट मेंहदावल बाईपास कॉटी रोड, न्यू मेडविन हॉस्पिटल, गोरखर देहात, खलीलाबाद, मुनमुन क्लीनिक एण्ड मेटर्निटी हॉस्पिटल, बंगला ताल चौराहा, बालाजी हॉस्पिटल बाईपास खलीलाबाद, सन्त कबीर नगर, जीवन रेखा हॉस्पिटल, ग्राम व पो0 बौर-ब्यास, मेंहदावल, सन्स हॉस्पिटल टेमा रहमत, संत कबीर नगर, एम० गोल्ड हॉस्पिटल, केयर हॉस्पिटल, समय माता मंदिर के पीछे खलीलाबाद एवं ओम साई हास्पिटल, निकट जिला अस्पताल, सन्त कबीर नगर शामिल हैं। इनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रामानुज कनौजिया ने बताया की आयुष्मान भारत में इम्पैनल 37 अस्पतालों में 04 को कोई दावा का भुगतान नहीं हुआ है। शेष 33 में सबसे अधिक दावा और धनराशि प्राप्त करने वाले हॉस्पिटल रजत हॉस्पिटल, मझौवा पर्वता संत कबीर नगर, एस०आर० हास्पिटल एण्ड पैरामेडिकल, नाथनगर, शम्भू नाथ मेमोरियल, बंधवा, सन्त कबीर नगर, पटेल हॉस्पिटल, भुजैनी, संत कबीर नगर एवं स्पर्श हॉस्पिटल भुजैनी, डड़वा चौराह, संत कबीर नगर शामिल है। जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया है कि उपरोक्त अस्पतालों की पुनः एक बार दावा और भुगतान की जाँच अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में टीम बनाकर करा ली जाय, जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के समस्त चिकित्सालयों में ओ0टी0 संचालन हेतु डी-फैबीलेटर एवं फायर सेफ्टी तथा कम से कम दो निकासी की अनिवार्यता को दो सप्ताह में पूर्ण कराकर अख्या उपलब्ध कराई जाए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जनपद के चिकित्सालयों में आयुष्मान कार्ड सुविधा से इम्पैनल्ड होने का मानक पूरा नहीं किए जाने पर चिकित्सालयों को डी-इम्पैनल्ड किये जाने के निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी ने साफ किया कि योजना का लाभ जनता तक सही तरीके से पहुंचे। लापरवाही करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई होगी और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होगा।
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