Episode- 0C-10
देखिए नेपाल की त्रासदी और जानिए.. कि बगैर वारिस के ये बाढ़ जैसा सैलाव राक्षस बनकर नेपाल में कैसे दौड़ा चला आया… उसके मुख्य २ कारण…
1- हिमालय और तिब्बत ऊंचे पठार पर है और नेपाल नीचे पठार पर इसलिए पानी का गवन नेपाल की ओर भागा…
2- हिमालय एवं तिब्बत पर बर्फ के ग्लेशियर जम जाते हैं जो अचानक वहाँ से १-२ ग्लेशियर लुढक कर जो त्रिशूल नदी है का बांध है उसमें आ गिरा.. कि उसने बांध से बहने वाले जल को रोक दिया.. जैसे किसान खेत में सिंचाई करते वक्त मिट्टी से जल को रोककर दूसरी दिशा देते हैं, कि बांध का पानी एकत्रित होता रहा… अब क्या हुआ जो बर्फ का ग्लेशियर था वो पिघल गया तो बांध के रुके पानी का रास्ता खुल गया… इसके २ उदाहरण– १- ट्रेफिक जाम हटने पर गाड़ियां आगे को दौड़ने लगतीं हैं… २- दूसरा- जब आप बाजार से थैली में दूध लाते हो तो सारा दूध थैली में लक्ष्मणरेखा में बंद रहता है कि बाद में आपको दूध भगोनी में निकालना है तो धागा नहीं खुल रहा.. तो आप थैली में छुरी घुसेड़ देते हैं.. तो दूध का तेज प्रेसर बाढ की तरह भगोनी में दौड़ लगाता है….
आई कुछ समझ में… बस यही हुआ था नेपाल बाढ का प्रचंड मंजर…
और पानी अग्नि को तो आप जानते हो जो मानव का सबसे बड़ा दोस्त और सबसे बड़ा दुश्मन है… कि जब ये दोनों महाकाल.. महाकाली.. रूप में आते हैं तो मानव दोस्ती को भूल जाते हैं सीधा विनाश रचाते हैं…
अब आप कहोगे- तो पानी अग्नि मानव के दोस्त कैसे हुए… तो वोभी समझाते हैं… १- सुना तो होगा जल विन मानव जीवजंतु जीवन अधूरा है… यानि हर जीवधारी इसे पीता है, दूसरा- चाय खाना पीना बनाना, कपड़े धोना, मकान बनाना सीमेंट में फिर छिड़काव करना…
२- अब अग्नि.. अगर अग्नि न होगी तो आप लोग पेड़ों के फल ही खा पायेंगे, ये स्वादिष्ट पकवान नहीं खा पायेंगे, दूसरा- अग्नि ही है जो सर्दी में मानव की जान बचाती है.. आया कुछ समझ में कि समझाएं– यानि तापते हो….
तो हुए न- जल अग्नि मानव के दोस्त…
और दुश्मन- बरसाती पानी से घर मौहल्ले सड़क का रास्ता रोकना, घर औफिस होस्पिटल में पानी भर जाना…
और अग्नि- जंगल घर द्वार दुकान कारखाने फैक्ट्री वाहन इंसान को जलाकर भष्म कर देती है…
💥इसलिए कहा है- जल और अग्नि मानव & सृष्टि के सबसे बड़े दोस्त हैं और जब महाकाली रूप में आ जाएं तो सीधा संहार विनाश करते हैं !!
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