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बार-बार NEET पेपर लीक होने और दोबारा परीक्षा की तैयारी में समय बर्बाद होने से नाराज देशभर के छात्र अपनी गुहार लेकर दिल्ली स्थित जंतर-मंतर और संसद भवन पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसे शिक्षा मंत्री के होने का क्या फायदा जो पेपर लीक को रुकवा तक नहीं सकता।
छात्रों का आरोप है कि उनकी गुहार सुनने के बजाय उन पर रावणराज चला दिया गया और सेना बुलाकर उन्हें चोटिल करवा दिया गया। देश के भावी युवाओं को दुश्मन की तरह निशाना बनाए जाने के बाद, छात्रों और उनके अभिभावकों ने प्रतिज्ञा ली है कि बच्चों के भविष्य से खेलने और उन्हें घायल करने वाली बीजेपी को 2029 के चुनाव में जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।
इस बीच दहशत में आए मोदी और गृह मंत्री अमित शाह छात्रों की सुनवाई के लिए तैयार हो गए हैं और उन्होंने बातचीत के लिए बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा के यहाँ बैठक का प्रस्ताव रखा है, जिसे नड्डा ने भी स्वीकार कर लिया है। वहीं, आंदोलनकारी छात्रों की एक ही मुख्य मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जारी किया जाए।
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