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गुलरिहा क्षेत्र के ग्राम जंगल अयोध्या प्रसाद टोला मलमलिया में जमीन विवाद और झाड़-फूंक को लेकर हुए झगड़े में महिला और उसके नाबालिग बच्चों पर जानलेवा हमला करने के आरोपी सात लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता रीमा देवी की याचिका पर सिविल जज सीनियर डिवीजन/एफटीसी के निर्देश पर थाना गुलरिहा पुलिस ने यह कार्रवाई शुरू की है।
घटना 13 अप्रैल 2026 की है, जब आरोपी राममिलन, रामअचल, तेज प्रताप, राजू, आनन्द, कमलेशमती देवी और अर्जुन ने लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर से लैस होकर रीमा देवी को घेर लिया और बुरी तरह मारा-पीटा। आरोप है कि पीड़िता को अर्धनग्न कर सड़क पर घसीटा गया और अश्लील हरकतें की गईं। बीच-बचाव करने आए उनके नाबालिग बेटों विनोद व सत्यम और बेटी सोनम से भी मारपीट की गई। इसके बाद आरोपियों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। इस हमले में रीमा देवी का हाथ टूट गया और उनके बेटे सत्यम के पैर में फ्रैक्चर हुआ है।
पीड़िता का आरोप है कि उन्होंने 21 फरवरी, 2 अप्रैल और 13 अप्रैल को थाने में प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप के मुताबिक हलका दरोगा हितेश कुमार की भूमिका संदिग्ध रही और उल्टे पीड़िता के परिवार पर ही झूठा केस दर्ज कर दिया गया। जन सुनवाई पोर्टल और एसएसपी को शिकायत भेजने के बाद भी सुनवाई न होने पर पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने सातों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 110, 115(2), 191(2), 74, 75, 352, 351(3), 333, 324 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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