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साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को मिली बड़ी राहत, मेहदावल साइबर सेल ने वापस कराए 30 हजार रुपये
मोबाइल फोन गुम होने के बाद खाते से निकाले गए थे 51,900 रुपये, त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को वापस मिली धनराशि
संतकबीरनगर।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में संचालित ‘क्रैक साइबर क्राइम’ अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए जनपद पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने साइबर ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को 30,000 रुपये की धनराशि वापस कराकर बड़ी राहत प्रदान की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना मेहदावल क्षेत्र के ग्राम एवं पोस्ट सांडे खुर्द निवासी जयनाथ पुत्र रामायन का मोबाइल फोन गुम हो गया था। मोबाइल फोन गुम होने के बाद अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर बैंक खाते से 51,900 रुपये की धनराशि धोखाधड़ी कर निकाल ली। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी शिकायत संख्या 23103260042828 पंजीकृत की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। आरक्षी संदीप कुमार गौतम एवं आरक्षी सौरभ कुमार ने संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से धोखाधड़ी की गई धनराशि को होल्ड कराया। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पीड़ित के खाते में 30,000 रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।
अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पीड़ित ने संतकबीरनगर पुलिस एवं साइबर सेल टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की। पीड़ित एवं उनके परिजनों ने थाना मेहदावल पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
इस सराहनीय कार्यवाही में प्रभारी निरीक्षक थाना मेहदावल राकेश कुमार सिंह, प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक संजय कुमार वर्मा, आरक्षी संदीप कुमार गौतम, आरक्षी सौरभ कुमार तथा रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जनता से अपील :
जनपद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल अथवा संदेश पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति रिश्तेदार या मित्र बनकर धनराशि की मांग करे तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना पैसे न भेजें। साइबर अपराधी अक्सर आवाज बदलकर अथवा भावनात्मक दबाव बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर लेनदेन की शिकायत तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं।
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