ब्रैकिग शिवपुरी – इरशाद खान पत्रकार जिला अस्पताल में नर्स के व्यवहार पर पत्रकार ने उठाए सवाल, 13 साल की बेटी के इलाज के दौरान हुआ विवाद
बच्ची के लिए खाने को लेकर पूछे सवाल पर कथित अभद्र व्यवहार का आरोप, मामले की जांच की मांग
शिवपुरी। जिला अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के साथ कथित अभद्र व्यवहार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। पत्रकार अरशद अली ने आरोप लगाया है कि अपनी 13 वर्षीय बेटी की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान बच्ची के लिए खाने को लेकर एक महिला नर्स से पूछे गए सामान्य सवाल पर नर्स ने कथित तौर पर आक्रोशपूर्ण एवं अभद्र लहजे में जवाब दिया।
अरशद अली के मुताबिक, बेटी की तबीयत खराब होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ घंटे के लिए वह जरूरी काम से फील्ड पर गए थे। वापस लौटने पर बच्ची ने उनसे भूख लगने की बात कही। इस पर उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद महिला नर्स से केवल इतना पूछा कि बच्ची को खाने में क्या दिया जा सकता है। उनका आरोप है कि इस सामान्य सवाल का जवाब नर्स ने ऐसे लहजे में दिया, जिसे लेकर उन्हें आपत्ति हुई।
मरीजों के परिजनों से व्यवहार को लेकर सवाल
पत्रकार अरशद अली ने कहा कि अस्पताल में मरीज और उनके परिजन पहले से ही बीमारी और चिंता की स्थिति में रहते हैं। ऐसे में यदि कोई परिजन इलाज, दवा, भोजन या मरीज की स्थिति को लेकर सवाल करता है तो उसे शालीनता से जवाब मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि जिला अस्पताल में कई बार मरीजों और उनके परिजनों के साथ नर्सिंग स्टाफ द्वारा कथित तौर पर गलत भाषा का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से सवाल किया कि यदि किसी मरीज के परिजन को डॉक्टर से तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाती है और वह नर्स से मरीज की स्थिति या अन्य जरूरी जानकारी पूछता है, तो उसे उचित तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ धमकी या बदसलूकी का व्यवहार किसी भी स्थिति में उचित नहीं माना जा सकता।
गेट पास को लेकर भी व्यवहार पर सवाल
अरशद अली ने जिला अस्पताल में गेट पास और मरीजों के साथ आने वाले परिजनों से बातचीत के तरीके को लेकर भी जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि अस्पताल में आने वाले महिला एवं पुरुष परिजनों के साथ कई बार कथित तौर पर सख्त और बदतमीजी भरे लहजे में बात की जाती है।
उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि आखिर महिला नर्स ने कथित तौर पर इस तरह का जवाब क्यों दिया। साथ ही अस्पताल प्रबंधन मरीजों और उनके परिजनों के साथ कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाए।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन द्वारा संबंधित स्टाफ और मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी लेकर पूरे घटनाक्रम की जांच किए जाने की जरूरत है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और बातचीत के दौरान किस प्रकार की स्थिति बनी।
जिला अस्पताल में उपचार लेने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि बेहतर इलाज के साथ-साथ सम्मानजनक व्यवहार भी जरूरी है। ऐसे मामलों में अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही तय करने और शिकायतों की निष्पक्ष जांच की व्यवस्था को प्रभावी बनाने की मांग उठ रही है।
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