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बिहार के पटना जिले की बख्तियारपुर थाना पुलिस ने विदेशों में पढ़ाई और मोटी सैलरी वाली नौकरी का सपना दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और साक्ष्य के आधार पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से इस गिरोह के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विवेक भटनागर उर्फ विवेक कुमार (पिता- विनोद भटनागर, निवासी- संजय कॉलोनी, अर्थला मोहननगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद) के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को दबोचा।
यह पूरा मामला बख्तियारपुर थाना कांड संख्या 209/25 से जुड़ा है। रानीसराय के रहने वाले रौशन कुमार (पिता- प्रदीप साव) ने अपनी और अपनी पत्नी मेनका कुमारी को ब्रिटेन की प्रतिष्ठित कार्डिफ यूनिवर्सिटी में एडमिशन, वीजा और पार्ट-टाइम जॉब दिलाने के नाम पर विवेक भटनागर, अभिषेक वर्मा, रूपाली वर्मा और सूरज शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों ने इस काम के लिए कुल 8,26,000 रुपये का खर्च बताया था, जिसमें से पीड़ित ने लिखित समझौते के तहत 3,85,500 रुपये एडवांस दिए थे और बाकी रकम यूके पहुंचकर नौकरी लगने के बाद देनी थी।
आरोपियों ने पीड़ित दंपति को यूनिवर्सिटी का एक फर्जी नामांकन पत्र थमा दिया और तीन महीने तक गुमराह करते रहे। शक होने पर जब रौशन कुमार ने सीधे कार्डिफ यूनिवर्सिटी को ईमेल किया, तो पता चला कि वहां मेनका कुमारी नाम की किसी छात्रा का कोई एडमिशन ही नहीं हुआ है। इसके बाद जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगे। सुरक्षा के तौर पर दिया गया चेक भी गलत हस्ताक्षर के कारण बाउंस हो गया।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार अभियुक्त विवेक भटनागर का एक संगठित गिरोह है। ये लोग महानगरों में ऑफिस खोलकर लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगते हैं और फिर दफ्तर बंद कर फरार हो जाते हैं। इस सफल छापेमारी टीम में बख्तियारपुर थाने के पु०अ०नि० जितेन्द्र कुमार, सिपाही-5678 आनंद कुमार और सिपाही-6982 बिरेन्द्र कुमार शामिल थे। पुलिस फिलहाल गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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