रिपोर्टर पंजीकरण →
₹10
Logo Shuru News शुरू न्यूज़
logo

असली विमुक्त जातियों को न्याय कब? विमुक्त-घुमंतू जातियों के लिए आरक्षण की मांग

अनिल कुमार प्रजापति

विमुक्त – घुमंतू जातियों का बोर्ड बनाना स्वागत योग्य कदम है @myogiadityanath जी।

किन्तु माटीकला बोर्ड आदि का “मजा” हम लेते आ रहे हैं। अतः वोट की राजनीति में अनावश्यक गुमराह न करिए।

जब 15% सवर्ण आबादी EWS के नाम पर आरक्षण का लाभ ले रही है, तो संवैधानिक शिल्पकार, मझवार, तुरैहा, गोंड, धनगर, दुसाध की वंचित उपजातियों को अनुसूचित वर्गों के समान सुविधा और संख्यात्मक कोटा देने से परहेज क्यों ?

सवाल सीधा है:
असली विमुक्त जाति – कंजर, सांसी, नट, बावरिया, बेड़िया, भांतू, करवाल, सपेरा, मदारी, कालबेलिया, बांद, बाजानिया का नाम इस सूची में क्यों नहीं ?इनके पास न जमीन है, न घर, न स्कूल। मतलब चुनावी लालीपाप के सहारे पुनःवंचित-अतिपिछड़े उपेक्षित वर्गों को गुमराह करने का खेल शुरू।

मल्लाह, निषाद, राजभर, कुम्हार प्रजापति, कहार, कश्यप, बिंद, साहनी आदि पहले 1950 के संविधान के मुताबिक SC में थे। फिर इन्हें षड़यंत्रकारी तरीके से OBC में ढकेल दिया गया।
जहां सक्षम व सामर्थ्यवान काश्तकार जातियों के आगे ये पूरी तरह फेल है।

मांग: अगर बोर्ड बन ही रहा है तो पहले आवास, शिक्षा, रोजगार दीजिए वो भी शिल्पकार, मझवार, तुरैहा, गोंड, धनगर, दुसाध की समस्त वंचित जातियों को SC आरक्षण बहाल करने के साथ। वरना ये भी “हाथी के दांत” वाला खेल ही माना जाएगा। यह पहाड़ा अनिल राजभर, ओमप्रकाश राजभर,डा संजय निषाद, जयप्रकाश निषाद,डा धर्मवीर प्रजापति, डा लोकेश कुमार प्रजापति आदि बीजेपी समर्थित लोग ही समझ सकते हैं बकिया पुरी कायनात को इतना बेवकूफ मत समझिए कि जैसे चाहेंगे वैसे हांककर बार बार अपने राजनैतिक लाभ के लिए साधते रहेंगे, यदि सच कड़वा होता है तो समाज के लिए वह घूंट पीने को तैयार हूं जो चाहे सजा दे सकते हैं लेकिन जनहित में पीछे नहीं हटूंगा। धन्यवाद

@CMOfficeUP @dm_santkabir @dgpup @UPGovt @BJP4UP @NCBC @NCSC @MSJEGOI @PMOIndia

#VimuktSamaj #AsliVimuktKoNyay #DNT #NT #SCReservation #SamvidhanBachao #SamajikNyay #AnilKumarPrajapati #SantKabirNagar



location

Choose your state

अपना राज्य चुनें

1
2
3
Choose your State for regional news
क्षेत्रीय समाचारों के लिए अपना राज्य चुनें

ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

ANDHRA PRADESH

ARUNACHAL PRADESH

ASSAM

BIHAR

बिहार

CHANDIGARH

CHHATTISGARH

छत्तीसगढ़

DELHI

दिल्ली

GOA

GUJARAT

HARYANA

हरियाणा

HIMACHAL PRADESH

हिमाचल प्रदेश

JAMMU AND KASHMIR

जम्मू और कश्मीर

JHARKHAND

झारखंड

KARNATAKA

KERALA

LADAKH

LAKSHADWEEP

MADHYA PRADESH

मध्य प्रदेश

MAHARASHTRA

MANIPUR

MEGHALAYA

MIZORAM

NAGALAND

ODISHA

PUDUCHERRY

PUNJAB

RAJASTHAN

राजस्थान

SIKKIM

TAMIL NADU

TELANGANA

THE DADRA AND NAGAR HAVELI AND DAMAN AND DIU

TRIPURA

UTTAR PRADESH

उत्तर प्रदेश

UTTARAKHAND

उत्तराखंड

WEST BENGAL

आगे बढ़ने का मतलब ये है कि आप शूरा ऐप की नियम व शर्तों और प्राइवेसी नीतियों से सहमत हैं।
प्राइवेसी पॉलिसी