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मुरैना में जौहां-श्यामपुर मार्ग के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है, जिससे यह मुद्दा अब जनआक्रोश का प्रतीक बन गया है। गुरुवार को सड़क की मांग को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए, उनका आरोप है कि उन्हें एक बार फिर सिर्फ ‘भरोसे का झुनझुना’ थमा दिया गया है। यह विवाद सांसद के आश्वासन और पीडब्ल्यूडी के एक कथित पत्र के सामने आने के बाद और गहरा गया है।
धरने की अगुवाई कर रहे नवनीत तोमर ने सरकार और प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कड़े शब्दों में कहा, “अब आश्वासन नहीं, सड़क चाहिए… नहीं तो मेरी अर्थी ही यहां से उठेगी।” इस बयान के बाद धरना स्थल पर मौजूद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने बताया कि सांसद के पुत्र और तहसीलदार ने गुरुवार सुबह 11 बजे से सड़क निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिया था। हालांकि, तय समय पर न तो कोई मशीन पहुंची और न ही काम शुरू हो पाया, जिसने उनके गुस्से को और भड़का दिया।
इसी बीच, पीडब्ल्यूडी के एक पत्र के सामने आने से विवाद और बढ़ गया है, क्योंकि ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ उन्हें निर्माण का भरोसा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क नहीं बनने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि वर्षों से बदहाल इस सड़क की भारी कीमत गांव के बच्चे, किसान, गर्भवती महिलाएं और मरीज चुका रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा और यदि स्थिति बिगड़ती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन व संबंधित विभाग की होगी।
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