अरुणाचल प्रदेश से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कथित रूप से चीनी सैनिकों का विरोध कर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का दावा किया गया है। यद्यपि इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यदि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे सत्य हैं, तो यह सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के साहस और देशभक्ति का एक बड़ा उदाहरण है। कठिन परिस्थितियों के बीच ग्रामीणों द्वारा निहत्थे होकर अपने क्षेत्र की रक्षा करने की कोशिश व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। साथ ही, यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई है, जिसके कारण स्थानीय नागरिकों को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर पूर्वोत्तर भारत के नागरिकों के साथ होने वाले भेदभाव और नस्लभेदी टिप्पणियों के खिलाफ भी आवाज उठाई गई है। स्पष्ट किया गया है कि अरुणाचल प्रदेश सहित पूरे पूर्वोत्तर के लोग भारत के समान अधिकार वाले नागरिक हैं और उनके योगदान का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। फिलहाल सरकार या भारतीय सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष के लिए आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना आवश्यक है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड