एटा जिले के जलेसर क्षेत्र स्थित ग्राम अरवगढ़ में 22 जुलाई की रात हुई एक घटना को लेकर दो परस्पर विरोधी शिकायतें सामने आने से मामला गर्मा गया है। सबसे पहले ग्राम अरवगढ़ निवासी अनुसूचित जाति की महिला लक्ष्मी, पत्नी उदयप्रकाश ने क्षेत्राधिकारी जलेसर को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि रात लगभग 11 बजे जब वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ घर पर अकेली थीं, तब कन्हैया पुत्र प्रमुदयाल सहित कई नामजद लोग जबरन घर में घुस आए। उन्होंने महिला के साथ अभद्रता, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए आरोपियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इसके जवाब में दूसरे पक्ष की ओर से रेशमा देवी, पत्नी स्वर्गीय प्रमुदयाल ने थाना जलेसर में प्रार्थना पत्र सौंपकर अपने पुत्र कन्हैया लाल को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश का दावा किया है। उनका कहना है कि उनका पुत्र शाम को रुपये लौटाने गया था और गांव के पुराने भूमि विवाद व आपसी रंजिश के कारण इस पूरे घटनाक्रम को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। रेशमा देवी ने निष्पक्ष जांच के लिए वीडियो साक्ष्य होने की बात कही है। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायतों, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह घटना सामान्य न होकर एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिसकी क्रमबद्ध झलक वायरल वीडियो में भी दिख रही है। जिन लोगों के खिलाफ हरिजन एक्ट और छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराने की तैयारी की गई है, वे एक विचाराधीन मुकदमे में बतौर गवाह शामिल हैं। इसके अलावा आरोप लगाने वाली महिला पर पहले भी लोगों को फर्जी शिकायतों में फंसाने के दावे किए गए हैं, वहीं कथित आरोपी युवा नेताओं और गरीब मजदूरों से संबंधित लट्ठबाजी व अन्य घटनाक्रमों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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