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एटा जिले के जलेसर में 670 बोरी सरकारी यूरिया की कथित कालाबाजारी के मामले को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर पंकज सिंह ने प्रशासन के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराते हुए अपनी गर्दन में फंदा डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि एक बंद पड़ी फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में सरकारी यूरिया कालाबाजारी के लिए निकाला जा रहा था। उनका दावा है कि पुलिस कार्रवाई केवल निचले स्तर के लोगों तक सीमित रही है, जबकि कथित मुख्य सूत्रधारों को बचाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों ने कथित रूप से भारी धनराशि देकर कार्रवाई से बचने का प्रयास किया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं की गई है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि किसान खाद और बीज के लिए परेशान हैं, जबकि भ्रष्टाचार और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा रहा। उन्होंने लेखपालों पर भी किसानों के उत्पीड़न, रिश्वतखोरी और मनमानी के आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पंकज सिंह ने भावनात्मक रूप से कहा कि यदि किसानों को न्याय नहीं मिला और वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस मामले ने जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है, और किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
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