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सिवनी मालवा तहसील के ग्राम जाट गुराड़िया निवासी भारतीय सेना के हवलदार संतोष कुमार जाट (40 वर्ष), पिता स्वर्गीय हेमराज जाट, देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए हैं। उनकी शहादत की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हवलदार संतोष कुमार जाट पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी क्षेत्र स्थित बागडोगरा बॉर्डर पर पदस्थ थे, जहां ड्यूटी के दौरान वॉचिंग टावर से सीमा पर गतिविधियों पर नजर रखते समय वे दुर्घटनावश नीचे गिर गए थे। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका लगातार उपचार किया गया, लेकिन उपचार के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली और मातृभूमि की सेवा में वीरगति को प्राप्त हुए।
शहीद संतोष कुमार जाट अपने पीछे पत्नी, 15 वर्षीय पुत्री, 12 वर्षीय पुत्र तथा अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं, उनके भाई सत्यनारायण जाट भी भारतीय सेना में सेवारत हैं। शुक्रवार दोपहर लगभग 2 बजे शहीद का पार्थिव शरीर भोपाल से उनके गृहग्राम जाट गुराड़िया लाया गया। यहां हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन किए, जिसके बाद पूरे सम्मान के साथ अंतिम यात्रा ग्राम भिलाड़िया के लिए निकाली गई।
शाम लगभग 5:30 बजे नर्मदा घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए हवाई फायर कर अपने वीर साथी को अंतिम सलामी दी। अंतिम संस्कार में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सेना के अधिकारियों और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों की उपस्थिति रही। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए राज्यसभा सांसद माया नारोलिया भी उनके गृहग्राम पहुंचीं, जिन्होंने शहीद के सम्मान में गांव में शहीद स्मारक (शहीद स्तंभ) बनाए जाने के निर्देश दिए और परिजनों को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
क्षेत्रवासियों ने शहीद हवलदार संतोष कुमार जाट के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनका त्याग एवं बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।
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