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गोंडा में समाजसेवी की हत्या, न्याय की गुहार

अनिल कुमार प्रजापति

*सम्मानित साथियों 🙏 – न्याय की गुहार*

गोंडा के समाजसेवी/क्रांतिकारी साथी विनोद साहनी जी की निर्मम हत्या से मन व्यथित है। सोचने पर मजबूर हूं कि लचर कानून व्यवस्था एवं भ्रष्ट कार्यप्रणाली का शिकार कब किसे होना पड़े।

उत्तर प्रदेश में 17 अतिपिछड़ी जातियों एवं शिल्पकार आरक्षण तथा शिक्षा क्षेत्र में व्यापक लूट-खसोट के विरुद्ध “भेदभाव मुक्त सस्ती व समान शिक्षा मुहिम” चलाने का खामियाजा मुझे भुगतना पड़ रहा है।

*मेरे साथ हुई घटनाएं:*

UPSC की तैयारी कर रहे मेरे बच्चों पर दो दिन लगातार जानलेवा हमला सामंतवादी व्यवस्था के पोषक अत्याचारी धनबली प्रभावशालियों द्वारा किया गया, जिनके आतंक के चलते किसी में गवाही देने की हिम्मत नहीं। बच्चों का कैरियर बर्बाद करने व जान से मारने की धमकी देते हुए *एफआईआर 328/2025 थाना महुली* वापस कराने के उद्देश्य से रास्ते में फोर व्हीलर से कुचलकर मेरी हत्या का प्रयास किया गया। लेकिन अनेकों शिकायतों के बावजूद आरोपियों पर दिखावे की फॉर्मेलिटी के अलावा कोई सख्त कार्यवाही नहीं हुई, जिससे परिवार भय के माहौल में जीने को विवश है।

*शिक्षा माफियाओं का खेल:*

शिक्षा/भू-माफिया/ग्राम प्रधान एवं सत्ता के जनप्रतिनिधियों व भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से उल्टे नवनिर्मित *एडीवी इन्वेंशन एकेडमी पुतसर* को अवैध रूप से सील कर दिया गया, जबकि क्षेत्र में सैकड़ों अमान्य / 1 वर्ष के लिए कक्षा 5 की मान्यता पर अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने वाले विद्यालय सेटिंग के तहत धड़ल्ले से चल रहे हैं तथा ग्राम पंचायत की सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा बरकरार है।

ऑनलाइन/ऑफलाइन शिकायतों पर संबंधित जांच अधिकारी फर्जी व भ्रामक रिपोर्ट लगाकर मामलों का कागजी निस्तारण कर देते हैं और भ्रष्टाचार/तानाशाही का आलम ये है कि न्यायालय तक को गुमराह कर दिया जाता है। यानी जो करप्ट सिस्टम का हिस्सा बन गया उसकी रिपोर्ट सही, अन्यथा का परिणाम सामने है।

*गृह मंत्रालय के पत्र के बाद भी सुरक्षा नहीं:*

संतकबीरनगर ही नहीं पूरे प्रदेश में वंचित अतिपिछड़े उपेक्षित वर्गों के ऊपर हो रहे अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवियों को सत्ता संरक्षण प्राप्त धनबली किस प्रकार टारगेट कर रहे हैं, ये किसी से छिपा नहीं है। प्रमाण के तौर पर आए दिन जगह-जगह हो रही हत्याएं पर्याप्त हैं।

मेरी आशंका इस नाते भी गहरी होती जा रही है कि *गृह मंत्रालय भारत सरकार से जारी पत्र के बावजूद* जिला प्रशासन द्वारा ठोस सुरक्षा का इंतजाम तथा एफआईआर 328/2025 थाना महुली के आरोपियों की गिरफ्तारी अथवा अन्य सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं दिख रही है। मतलब दाल में काला जरूर है। अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान द्वारा संचालित विद्यालय को बंद करवाने का कारण सिर्फ इतना है कि मेरा समाज असंगठित और सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक और शैक्षणिक रूप से काफी कमजोर है।

*अतः अपील है:*

कुम्हार समेत समस्त वंचित अतिपिछड़े, कश्यप, निषाद, राजभर, गोंड, दुसाध, धनगर, शिल्पकार आदि भाइयों से अनिल प्रजापति समर्थन व सहयोग की अपील करता है क्योंकि अनहोनी के बाद कितने भी आवाज उठाएं उसका कोई मतलब नहीं – *पारी-पारी सभी काटे जाएंगे।*

शासन, प्रशासन, सरकार, विपक्ष, मीडिया और न्यायपालिका से अनुरोध है कि सत्यता पर आधारित इस ज्वलंत प्रकरण पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए न्यायसंगत कार्यवाही करने का कष्ट करें, इतिहास साक्षी बनेगा।

*सौजन्य से – अनिल कुमार प्रजापति*
संस्थापक, अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान (रजि.)
जनपद संतकबीरनगर, उत्तर प्रदेश मो. 9005329144

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