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उपाध्यक्ष गो-सेवा आयोग, उ0प्र0 महेश कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में गो-संरक्षण एवं अनुश्रवण मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित__________________
राघवेन्द्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर
संत कबीर नगर 31 जुलाई, 2026, उपाध्यक्ष गो-सेवा आयोग, उ0प्र0 श्री महेश कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में गोवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं अनुश्रवण मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी आलोक कुमार व पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा जगदंबा लाल श्रीवास्तव व मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे। बैठक में सर्वप्रथम जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा उपाध्यक्ष गोसेवा आयोग, उ0प्र0 महेश कुमार शुक्ल जी को बुके भेंट स्वागत किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जनपद में गोशालाओं के संचालन सहित गो संरक्षण से सम्बंधित बिन्दुओं को आकड़ेवार अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि जनपद में इस समय कुल 12 गो-आश्रय स्थल हैं, जिसमें से 04 गो-आश्रय स्थल शहरी क्षेत्र में एवं 08 ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियाशील हैं। वर्तमान में संरक्षित गोवंशों की कुल संख्या 1369 है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद के विकासखंड हैंसर बाजार में नगर पंचायत द्वारा एक नई कान्हा गोशाला कुरमौर स्थापित किया गया है, जिसकी गोवंश संरक्षण क्षमता लगभग 200 है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में गो-आश्रय स्थलों में अतिरिक्त संरक्षित गोवंशों को धीरे-धीरे नए गो-आश्रय स्थल में स्थानांतरित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार वर्तमान में जनपद के 03 गो-आश्रय स्थलों बढ़या ठाठर, मझौरा एवं जिगिना को संचालित किए जाने हेतु एनजीओ को हस्तांतरित किया गया है। उपाध्यक्ष ने कहा कि गो-आश्रय स्थलों की संचालन व्यवस्था को किसी भी एनजीओ को हस्तांतरित करने से पहले संबंधित एनजीओ द्वारा किए गए विगत कार्यों की बैलेंस शीट एवं कार्य क्षमता एवं गुणवत्ता आदि के परीक्षण के उपरांत ही एनजीओ को दिया जाए एवं समय-समय पर एनजीओ द्वारा गो-शालाओं के संचालन व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाता रहे।
उपाध्यक्ष को अवगत कराया गया कि जनपद में इस समय मुख्यमंत्री सहभागिता योजना अंतर्गत लाभान्वित हो रहे पशुपालकों की कुल संख्या 139 एवं सुपुर्द गोवंशों की संख्या 229 है। जिसके सापेक्ष गोवंशों के भारत पोषण हेतु माह जून 2026 तक का फंड रिक्वेस्ट पूर्ण कर दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में छोटे गोवंशों के लिए नाद एवं पानी पीने के लिए छोटे-छोटे नाद की व्यवस्था हेतु एस्टीमेट बनाया जा रहा है तथा बीमार पशुओं हेतु आइसोलेशन वार्ड बनवाए जाने की व्यवस्था की जा रही है। जनपद में गोवंश हेतु हरे चारे की बुवाई कराई जा रही है तथा हरे चारे की बुवाई हेतु जमीन की पर्याप्त उपलब्धता है।
मा0 उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग ने जनपद में गोवंशों के संरक्षण एवं अन्य संबंधित व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने हेतु समस्त संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके विभाग से संबंधित गोवंशों के संरक्षण हेतु किया जा रहे कार्यों का प्रॉपर डॉक्यूमेंटेशन किया जाए। उन्होंने कहा कि गोवंश हेतु कितने क्षेत्रफल में हरा चारा बोया गया, संख्या के आधार पर कितने हरे चारे की आवश्यकता है आदि की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समस्त गो-आश्रय स्थलों पर किए गए वृक्षारोपण का समुचित संरक्षण किया जाए, मा0 उपाध्यक्ष जी ने उद्यान विभाग को निर्देशित किया कि विभाग में आवश्यक जैविक खाद एवं गोबर को गौशालाओं से प्राप्त किया जाए। उपाध्यक्ष ने जनपद में गोचर भूमि की उपलब्धता और चिन्ह्यांकन के निर्देश दिए, उन्होंने ग्राम पंचायत की गौशालाओं में नियमानुसार सभी रजिस्टर जैसे गोवंशों की संख्या, टैगिंग, टीकाकरण, चिकित्सा की स्थिति, पंचनामा एवं पोस्टमार्टम से संबंधित रजिस्टर में समस्त विवरण दर्ज करते हुए अपडेट रखना सुनिश्चित किया जाए। गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे की सक्रियता एवं खराब हुए कैमरा को संचालित करने के निर्देश दिए गए, गो-आश्रय स्थलों में छोटे-बड़े गोवंश के आधार पर वेरीकेटिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि गोवंश हेतु भूसा इत्यादि का संग्रह समय से कर लिया जाए जिससे उचित मूल्य पर भूसा का भंडारण किया जा सके। दाना, चोकर, चूनी की गुणवत्ता की परख की जाती रहे, हरा चारा एवं नेपियर के बुवाई की व्यवस्था गोवंशों की संख्या के अनुसार सुनिश्चित कराई जाए।
मा0 उपाध्यक्ष जी ने समीक्षा के दौरान समस्त गो-आश्रय स्थलों में गोवंश हेतु स्वच्छ पेयजल, चूना, साफ-सफाई, वृक्षारोपण, आइसोलेशन वार्ड, हरा चारा सहित समस्त व्यवस्थाओं को सुनिश्चित बनाए रखने का निर्देश देते हुए कहा कि समस्त गौशालाओं से संबंधित सभी नोडल अधिकारी प्रत्येक सप्ताह गो-आश्रय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करें और मौके पर ही गोवंश हेतु उपलब्ध कराई जा रही समस्त सुविधाओं की समीक्षा करें और कमियों का निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि रात में गो-आश्रय स्थलों में नियुक्त केयरटेकर के रुकने की व्यवस्था बनाई जाए जिससे कर्मचारी रात में गौशालाओं में रहकर देख-रेख कर सकें।
मा0 उपाध्यक्ष जी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित समस्त पशु चिकित्साधिकारियों से उनके अन्तर्गत आने वाले गोशालाओं में गोवंशों की स्थिति, स्वास्थ्य आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए विभिन्न बिन्दुओं पर मार्ग दर्शन किया तथा कहा कि गोशालाओं एवं पशु चिकित्साधिकारियों की संख्या के उचित अनुपात में संरक्षण एवं देख-रेख की जिम्मेदारी सौपी जाए। उपाध्यक्ष द्वारा किसानों को मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंशों का पालन एवं सेवा करने हेतु प्रेरित करने का भी सुझाव दिया तथा कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी स्वंय भी गोमाता की सेवा एवं गो संरक्षण के प्रति वेहद संवेदनशील है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि गोसेवा में समाज की सम्पूर्ण सहभागिता हो, इस दिशा में अधिकारीगण किसानों को प्रोत्साहित करे। उपाध्यक्ष जी ने कहा कि गोवंशों के प्रति मानवीय संवेदना एवं गोमाता की भावना एवं प्रेम पैदा करे, गोवंशों का संरक्षण हमारे संस्कार से जुड़ा है। इनकी सेवा में हमारे संस्कार एवं संस्कृति की रक्षा होगी। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए समस्त संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अध्यक्ष के मार्गदर्शन एवं निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए आख्या से अवगत कराएं। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी हरिकेश यादव, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार प्रभात द्विवेदी, परियोजना निदेशक विजयंत कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पांडेय, जिला उद्यान अधिकारी समुद्र गुप्त मल्ल, जिला कृषि अधिकारी डॉ0 सर्वेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार, खंड विकास अधिकारीगण एवं नगर पालिका/नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित पशु चिकित्साधिकारी आदि उपस्थित रहे। जनपद भ्रमण के दौरान उपाध्यक्ष उ0प्र0 गोसेवा आयोग श्री महेश कुमार शुक्ल जी द्वारा निरीक्षण गृह खलीलाबाद में जनपद के प्रिंट/इलेक्ट्रानिक मीडिया बन्धुओं के साथ प्रेस-वार्ता की गई। प्रेस वार्ता के दौरान उपाध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश के यशस्वी एंव लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के दूरदर्शी एंव कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार गो-सेवा को केवल सांस्कृतिक दायित्व नहीं, बल्कि मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार एक पवित्र एवं सतत कार्य के रूप में स्वीकार करते हुए सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण एवं वृहदायामी देखभाल के लिए व्यापक एवं बहु-आयामी योजनाएँ संचालित की जा रही है, जिनके सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार उ0प्र0 गोवध निवारण अधिनियम-1955 के अंतर्गत गोवंश की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। गो-तस्करी जैसे गंम्भीर अपराधों से सम्बन्धित नियमों के उल्लघंन पर त्वस्ति एवं कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन “गो-सेवा के प्रति अपनी अटूट निष्ठा एवं प्रतिबद्धता पर अटल है तथा कोई मी अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि मा0 मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि निराश्रित गोवंश की सेवा एवं संरक्षण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। राज्य सरकार गोवंश के प्रति अपनी संवेदनशीलता, मानवीय एवं समर्पित दृष्टिकोण के साथ सुशासन के सिद्धांतों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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