सांसद का सख्त रुख, बोले—परंपरा से नहीं होगा खिलवाड़
महाराजगंज में करीब 107 वर्षों से लगते आ रहे ऐतिहासिक मौनिया बाबा मेले को लेकर इस बार प्रशासन के नए आदेश पर बहस तेज हो गई है। यह मेला सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि परंपरा, संस्कृति और आस्था का प्रतीक माना जाता है।
मेले में वर्षों से हाथी-घोड़े, बैंड-बाजा, लोक कलाकार, लोक नृत्य और अखाड़ों के पारंपरिक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहे हैं। लेकिन इस बार नए डीएम और एसपी के आदेश के बाद हाथी-घोड़े, डीजे और जुलूस में पारंपरिक करतब दिखाने वाले लाठीबाजों को लेकर भी रोक की बात सामने आई है।
इसी मुद्दे को लेकर मेला समिति और अखाड़ों से जुड़े लोग महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल से मिले। सांसद ने सख्त लहजे में कहा कि मेले की वर्षों पुरानी परंपरा से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
सांसद ने डीएम और एसपी से भी बातचीत कर स्पष्ट किया कि अश्लील गीत और प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार रहेगी, लेकिन जो चीजें वर्षों से मेले की पारंपरिक पहचान का हिस्सा रही हैं, उनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
अब देखना होगा कि प्रशासन और मेला समिति के बीच इस मुद्दे पर क्या सहमति बनती है। फिलहाल सांसद के इस बयान के बाद मेला समिति और अखाड़ों से जुड़े लोगों में उम्मीद जगी है कि मौनिया बाबा का ऐतिहासिक मेला अपनी पारंपरिक पहचान के साथ आयोजित होगा।
सशक्त भारत न्यूज | राज भारद्वाज
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड