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बांसवाड़ा-डूंगरपुर से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने डूंगरपुर जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता आयोजित कर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। सांसद ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा काफी नहीं है। लाखों विद्यार्थियों की सालों की मेहनत पर पानी फेरने वाले पूरे पेपर लीक नेटवर्क और कोचिंग माफिया की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए तथा इसमें शामिल बड़े लोगों को कानून के कठघरे में लाया जाना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र के जेनेवा अधिवेशन से लौटे सांसद रोत ने अपने दौरे पर उठ रहे सवालों पर सफाई देते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें किसी राजनीतिक दल या भारत सरकार ने नहीं भेजा था, बल्कि संयुक्त राष्ट्र से व्यक्तिगत निमंत्रण मिला था। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्होंने भारत के आदिवासी समाज और वंचित वर्गों के अधिकारों व समस्याओं को मजबूती से रखा। वहीं समान नागरिक संहिता (UCC) और डी-लिस्टिंग के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुख्य विषयों से ध्यान भटकाकर अलग सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं वाले आदिवासी समाज को बांटने का प्रयास कर रही है।
राजस्थान सरकार पर निशाना साधते हुए सांसद रोत ने उदयपुर संभाग में अधिकारियों के तबादलों पर नाराजगी जताई और कहा कि अनुभवी अधिकारियों को हटाकर पद खाली छोड़ने से आम जनता बिजली, पानी और आवश्यक सेवाओं के लिए परेशान हो रही है। बांसवाड़ा मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने राज्य की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए और दोषियों के खिलाफ जवाबदेही तय करने की मांग की। इस प्रेस वार्ता में भारत आदिवासी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जहाँ सांसद ने संसद से लेकर सड़क तक जनहित और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही।
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