बरसों से लंबित मांगों को लेकर न्यायालय कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को भेजो गयापन
मांगें पूरी न हुईं तो गांधी जयंती पर तिरंगा रैली और 25 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेशव्यापी सत्याग्रह की चेतावनी
बस्ती। जनपद न्यायालयों के कर्मचारियों की वर्षों से लंबित विभिन्न मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश की शाखा बस्ती ने रविवार को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों की सेवा, वेतन, पद सृजन, पदोन्नति तथा कार्य परिस्थितियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में एफटीसी न्यायालयों के कर्मचारियों के वेतन में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि करने तथा उनकी सेवा नियमित किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही प्रोन्नति की अर्हकारी सेवा शर्तों में शिथिलीकरण के लिए प्रस्तावित नियमावली संशोधन को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने तथा पेड अप्रेन्टिस पदों को कनिष्ठ सहायक पदों पर समायोजित करने संबंधी नियमावली संशोधन किए जाने की मांग की गई।
जनपद न्यायालयों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के लुप्त पद को पुनः सृजित करने, ग्रेड वेतन ₹4600 वाले लिपिकीय पदों को राजपत्रित प्रतिष्ठा प्रदान करने तथा मकान किराया भत्ते का पुनरीक्षण करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। संघ ने लिपिकवर्गीय कार्मिकों की शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित करते हुए ग्रेड वेतन ₹2800 (पे लेवल-5) प्रदान करने की मांग की है।
इसके अलावा न्यायालयों में बढ़ते कार्यभार के अनुरूप अतिरिक्त पदों का सृजन करने, पद सृजन होने तक कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य भत्ता देने तथा बयान लेखन के लिए बयान लेखक के नियमित पद सृजित करने की मांग भी की गई।
न्यायिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं कर्मचारी
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भागवत शुक्ल ने कहा कि न्यायालय कर्मचारी न्यायिक व्यवस्था के सुचारु संचालन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। न्यायालयों में कार्यरत कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं और लगातार बढ़ते कार्यभार से जुड़ी विसंगतियों का समयबद्ध समाधान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संघ लोकतांत्रिक एवं अहिंसात्मक तरीके से अपनी मांगों को शासन के समक्ष रख रहा है और सरकार से सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा है।
उन्होंने कहा कि यदि शासन स्तर से कर्मचारियों की मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई तो महात्मा गांधी जयंती एवं अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के अवसर पर जिले में शांतिपूर्ण तिरंगा रैली निकाली जाएगी। इसके बाद भी मांगों की अनदेखी जारी रही तो प्रांतीय संघ के आह्वान पर 25 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेशभर के न्यायालय कर्मचारी प्रदेशव्यापी सत्याग्रह करने के लिए विवश होंगे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से संतोष कुमार त्रिपाठी, बीरेंद्र कुमार चौधरी, दीपक कुमार श्रीवास्तव, रोहित कुमार जायसवाल, सालिक राम यादव, जैनेन्द्र कुमार यादव, सुमित झा, आशीष विश्वकर्मा, उत्तम सिंह, उमेश जायसवाल, आयुष कुमार, प्रभात रंजन पटेल, जय प्रकाश सिंह, अमन, मनोज कुमार, सूरज पांडे, राम चंद्र यादव, मेराजुद्दीन, अरुण मौर्या, आदर्श श्रीवास्तव, बृजेश सिंह, शत्रुधन पाण्डेय, कमल सिंह, प्रदीप कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में न्यायालय कर्मचारी मौजूद रहे।
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