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फतेहपुर जिले के देवमई ब्लॉक अंतर्गत इसेपुर और कोटरा बहादुरपुर क्षेत्र से विकास और स्वच्छता के सरकारी दावों की पोल खोलती तस्वीरें सामने आई हैं। एक तरफ गांव-गांव में ग्राम चौपाल लगाकर विकास और सफाई के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यहां प्राइमरी स्कूल के बाहर नालियों का गंदा पानी उफान मार रहा है। स्थिति यह है कि गांव का रास्ता पूरी तरह दलदल बन चुका है और मासूम बच्चे रोजाना इसी बदबूदार गंदगी और कीचड़ के बीच से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।
इलाके में जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। स्कूल के बाहर और गांव की गलियों में जमा गंदे पानी की वजह से बदबू, कीचड़ और मच्छरों का जमावड़ा हो गया है, जिससे ग्रामीणों का रास्ते से गुजरना मुश्किल हो चुका है। हर दिन बच्चे फिसलन भरे रास्ते से होकर स्कूल पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का साफ आरोप है कि इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया।
अब सरकारी चौपालों और दावों की हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का पूछना है कि जब शासन के निर्देश पर ग्राम चौपाल लगती हैं और अधिकारी व जनप्रतिनिधि गांव पहुंचते हैं, तो यह बुनियादी समस्या महीनों तक क्यों बनी रहती है। क्या चौपालों में उठाए गए मुद्दों का निस्तारण केवल कागजों तक ही सीमित है? फिलहाल पूरा गांव प्रशासन की ओर देख रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का तत्काल समाधान करेंगे या सरकारी घोषणाएं इन तस्वीरों के सामने सवालों के घेरे में ही रहेंगी।
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