शुरू न्यूज़
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कम उम्र के लड़कों और किशोरों की अपराध की दुनिया में बढ़ती दखल ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया रील्स, हथियारों के दिखावे और रातों-रात ‘डॉन’ बनने की चाहत में युवा तेजी से आपराधिक गिरोहों के दलदल में धंस रहे हैं। शातिर गैंग सरगना नई उम्र के लड़कों को पैसा, रुतबा और सोशल मीडिया पर पहचान का लालच देकर उनका ब्रेनवॉश कर रहे हैं और अपने गिरोह में भर्ती कर रहे हैं। पुलिस ने जिले में ऐसे तीन सक्रिय गैंगों को चिन्हित कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, ये तीनों गैंग कोतवाली, नगर और लालगंज थाना क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इस मामले पर एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि जिले में चिन्हित किए गए तीनों गैंग से जुड़े प्रत्येक सदस्य पर पुलिस टीमें शिकंजा कस रही हैं। शातिर अपराधियों की धरपकड़ के साथ-साथ इनके सक्रिय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा रहा है।
हाल के दिनों में हुई कई वारदातों से इन गिरोहों की पोल खुली है। शहर कोतवाली के मड़वानगर टोल प्लाजा के पास असलहों से लैस युवाओं के साथ पुलिस का आमना-सामना हुआ था, जहाँ पुलिस ने घेराबंदी कर तीन युवकों को दबोच लिया, जबकि उनके कई साथी फरार हो गए। इसके अलावा, नगर थानाक्षेत्र में सक्रिय गिरोह फिरौती से लेकर हत्या जैसी संगीन वारदातों को अंजाम दे रहा है। वहीं लालगंज थानाक्षेत्र का गैंग जिले के बाहर तक फैल चुका है, जिसने हाल ही में संतकबीरनगर में एक हत्या की सुपारी ली थी, जिसे पुलिस की सक्रियता से नाकाम कर दिया गया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अधिकतर युवा सोशल मीडिया पर हथियारों और गैंगस्टर गानों के साथ रील बनाकर खुद को डॉन साबित करने की होड़ में अवैध असलहा मुहैया कराने वालों के संपर्क में आ जाते हैं। इसके साथ ही, पुलिस को जल्दी शक न होने के कारण इन नाबालिगों का इस्तेमाल नशे की तस्करी में भी किया जा रहा है। इसे देखते हुए पुलिस ने जिले में डिजिटल और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ा दी है तथा अभिभावकों से भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड