समाज में व्याप्त भय भूख भ्रष्टाचार मंहगाई बेरोजगारी अपराध वैसे ही नहीं बढ़ता जा रहा है बल्कि इसके पीछे न्यायपालिका से लेकर शासन प्रशासन और सरकार के तह तक सामंतवादिता की गहरी जड़ें योजनाबद्ध काम कर रही है। कालेजियम सिस्टम के साथ साथ वंचित अतिपिछड़े उपेक्षित भूमिहीन मजदुरा वर्गों के लिए कूटरचना की यैसी खाई खोद दी गई है कि उसकी गहराई से उबर पाना इतना आसान काम नहीं। देश में शिक्षण संस्थानों के नाम पर बढ़ते भेदभाव और मनमानी लूट खसोट के अलावा वंचित अतिपिछड़ो के आरक्षण एवं सामाजिक न्याय जैसे ज्वलंत मुद्दों को बड़े ही बारीकी से मोदी सरकार पढ़ चुकी है और जाति जनगणना 2027 का गहरा रहस्य कमजोर दिमाग वाले लोग नहीं समझ पा रहे हैं। सर्वश्री ओमप्रकाश राजभर,डा संजय निषाद,डा धर्मवीर प्रजापति, जयंत चौधरी, अनुप्रिया पटेल आदि जैसे बीजेपी गठबंधन के नेताओं का उनके असल मुद्दों को छीनकर जनता में सीधे प्रभाव स्थापित करने की रणनीति पर अग्रसर भाजपा को कोई हल्के से ले तो उसे नादान खिलाड़ी ही कहा जाएगा क्योंकि जो बातें समाज कल्याण विभाग संतकबीरनगर से शिल्पकार आरक्षण के मुद्दे पर उभरकर सामने आ रही है उससे स्पष्ट होता है कि विधानसभा चुनाव 2027 के पहले कुछ खेला बड़ा होने जा रहा है। अतः हर उस अच्छे शख्स को तबाह करने का कुचक्र रचा जाता रहा है जो जनहित में कुछ बेहतर करने की सोच रखते हैं फिर वो चाहे जज हो, अधिकारी कर्मचारी हो, लीडर हो, समाजसेवी हो या एक्स वाई जेड कोई भी परशन हो जिससे विधान प्रभावित होता दिखाई दे।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड