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NEET-UG पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के उग्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्र सरकार की तीसरे दौर की बातचीत से ठीक पहले अपना त्यागपत्र सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया। धर्मेंद्र प्रधान ने खुद सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा साझा किया है।
अपने आधिकारिक पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि वह पिछले 40 से अधिक वर्षों से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहे हैं। NEET-UG परीक्षा की अनियमितताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 3 मई को गड़बड़ी की शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई थी, जिसके तहत जांच सीबीआई को सौंपी गई और परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की गई। इसके साथ ही सरकार ने सुधार के तौर पर वर्ष 2027 से NEET परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड (CBT) मोड में कराने का फैसला भी किया था।
इस्तीफे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके बावजूद जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने लगातार छात्रों को गुमराह करने और भड़काने का प्रयास किया। पिछले 10 दिनों की घटनाओं से व्यथित होकर उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है ताकि युवाओं का भविष्य अदालती चक्रव्यूह और राजनीतिक टकराव में न उलझे। इस अचानक इस्तीफे से शिक्षा जगत और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और अब सभी की नजरें केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
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