₹10
रिपोर्टर पंजीकरण →
logo

शिक्षकों के स्वास्थ्य और छात्रों के भविष्य को CM योगी की सौगात: वाराणसी से हुई शुरुआत

Durgesh Mishra

माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वाराणसी में एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर, उन्होंने प्रतीकात्मक कार्ड प्रदान कर शिक्षकों, शिक्षामित्रों, रसोइयों और शिक्षण कार्मिकों को सम्मानित किया, साथ ही प्रदेश के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर और स्टेशनरी के लिए डीबीटी के माध्यम से ₹1200 प्रति छात्र-छात्रा का वितरण किया। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री जी ने 10 लाख शिक्षकों और संविदा कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का निष्पादन/हस्तांतरण भी किया और राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का सजीव प्रसारण संत कबीर नगर जनपद के संत कबीर ऑडिटोरियम, मगहर में भी देखा और सुना गया, जहाँ मुख्य अतिथि श्री बैजनाथ रावत सहित जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने शिक्षकों एवं शिक्षण कार्मिकों के साथ इसे देखा।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए, माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि बच्चों को अच्छे मार्ग पर लाना, उन्हें संस्कार देना और शिक्षित व जिम्मेदार नागरिक बनाना शिक्षक का राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने नए सत्र में किसी भी बच्चे के नामांकन से न छूटने के महत्व पर जोर दिया और अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षकों को इसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया। मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी के विजन से प्रेरित ‘निपुण भारत अभियान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसने छात्रों को राष्ट्र निर्माता के रूप में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने में सक्षम बनाया है। उन्होंने शिक्षा को समाज की आधारशिला और विकसित भारत की सोच का आधार बताया, जिसकी उपेक्षा कर विकसित राष्ट्र की कल्पना नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री जी ने ‘डबल इंजन की सरकार’ द्वारा पिछले 09 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के सभी क्षेत्रों में किए गए सकारात्मक परिवर्तनों की सराहना करते हुए ‘ऑपरेशन कायाकल्प’, ‘निपुण भारत अभियान’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ जैसी योजनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था के बेसिक ढांचे में सुधार की बात कही। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को शिक्षित बनाने में लगन से पहल करने और सरकार द्वारा दी जा रही धनराशि का सदुपयोग करने का आग्रह किया, वहीं शिक्षकों से पूरी निष्ठा और पारिवारिक माहौल देते हुए बच्चों का भविष्य संवारने में निरंतर लगे रहने का आह्वान किया।

संत कबीर नगर में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम के दौरान, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री बैजनाथ रावत जी ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने शिक्षकों, संविदा शिक्षकों और रसोइयों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना के प्रतीकात्मक कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में, श्री बैजनाथ रावत जी ने मुख्यमंत्री जी द्वारा शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े अन्य कार्मिकों के समर्पण की सराहना करते हुए इस योजना के शुभारंभ, डीबीटी के माध्यम से छात्रों को धनराशि वितरण, शिक्षकों हेतु एमओयू और स्वच्छ विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के सम्मान पर हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे शिक्षकों, संविदा कार्मिकों और रसोइयों के स्वास्थ्य एवं भविष्य के लिए सरकार की चिंता का परिणाम बताया। श्री रावत जी ने इस पवित्र संयोग का भी उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री जी ने संत कबीर दास जी की जन्मस्थली काशी से योजना का शुभारंभ किया, और उन्हें संत कबीर दास जी की महापरिनिर्वाण स्थली मगहर में उपस्थित होने का सौभाग्य मिला। उन्होंने स्वयं को एक पूर्व शिक्षक बताते हुए शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता बताया और ‘वह शक्ति हमें दो दयानिधे’ प्रार्थना का उदाहरण देते हुए उनके कर्तव्य और जिम्मेदारी के प्रति उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक का चरित्र अनुकरणीय होना चाहिए और वे बच्चों को शिल्पी बनाकर राष्ट्र एवं समाज के निर्माण का कार्य करते हैं। श्री रावत जी ने प्रधानमंत्री मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी जी को ‘तपस्वी’ की संज्ञा देते हुए उनके नेतृत्व में देश और प्रदेश के चौमुखी विकास, गरीब कल्याण और समाज के सबसे निचले तबके को मुख्य धारा से जोड़ने के प्रयासों की प्रशंसा की, और भारत को पुनः ‘सोने की चिड़िया’ एवं ‘विश्व गुरु’ बनने की दिशा में अग्रसर बताया।

इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने माननीय मुख्य अतिथि, जनप्रतिनिधिगणों, अधिकारियों, शिक्षकों और मीडिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना के शुभारंभ और सामाजिक सुरक्षा हेतु एमओयू को लेकर सरकार के निर्णय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। जिलाधिकारी ने शिक्षक के कार्य को श्रेष्ठ कर्म बताते हुए कहा कि यह एक मिशन है, जिसमें शिक्षक अपना जीवन मोमबत्ती की तरह जलाकर बच्चों का जीवन प्रकाशित करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपने कार्यों और जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया, ताकि एक शिक्षित समाज और समर्थ राष्ट्र के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक इंद्रेश पांडेय द्वारा किया गया, जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित कई खण्ड शिक्षा अधिकारी और सम्मानित शिक्षकगण, अनुदेशक व विद्यालयों के रसोईया आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत, माननीय अध्यक्ष श्री बैजनाथ रावत जी ने निरीक्षण गृह में प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया बंधुओं के साथ प्रेस-वार्ता कर योजना के विभिन्न पहलुओं और सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की।



location

Choose your state

अपना राज्य चुनें

1
2
3
Choose your State for regional news
क्षेत्रीय समाचारों के लिए अपना राज्य चुनें

ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

ANDHRA PRADESH

ARUNACHAL PRADESH

ASSAM

BIHAR

बिहार

CHANDIGARH

CHHATTISGARH

छत्तीसगढ़

DELHI

दिल्ली

GOA

GUJARAT

HARYANA

हरियाणा

HIMACHAL PRADESH

हिमाचल प्रदेश

JAMMU AND KASHMIR

JHARKHAND

झारखंड

KARNATAKA

KERALA

LADAKH

LAKSHADWEEP

MADHYA PRADESH

मध्य प्रदेश

MAHARASHTRA

MANIPUR

MEGHALAYA

MIZORAM

NAGALAND

ODISHA

PUDUCHERRY

PUNJAB

RAJASTHAN

राजस्थान

SIKKIM

TAMIL NADU

TELANGANA

THE DADRA AND NAGAR HAVELI AND DAMAN AND DIU

TRIPURA

UTTAR PRADESH

उत्तर प्रदेश

UTTARAKHAND

उत्तराखंड

WEST BENGAL

आगे बढ़ने का मतलब ये है कि आप शूरा ऐप की नियम व शर्तों और प्राइवेसी नीतियों से सहमत हैं।
नियम और शर्तें & प्राइवेसी पॉलिसी