मौसम बदलते ही सावधान! तेजी से फैल सकता है फ्लू, बच्चों-बुजुर्गों और गंभीर रोगियों पर ज्यादा खतरा।
गोरखपुर। मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है। इन्हीं में से एक है इन्फ्लूएंजा यानी फ्लू, जो एक संक्रामक श्वसन वायरल बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने, बात करने या सांस लेने से निकलने वाले कणों के माध्यम से फैल सकता है। भीड़भाड़ और कम वेंटिलेशन वाले स्थानों पर संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।
इन्फ्लूएंजा के प्रमुख लक्षणों में अचानक बुखार, ठंड लगना, सूखी खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक कमजोरी शामिल हैं। बच्चों में कभी-कभी उल्टी या दस्त भी हो सकते हैं। WHO के अनुसार अधिकांश लोग लगभग एक सप्ताह में ठीक हो जाते हैं, हालांकि खांसी इससे अधिक समय तक रह सकती है।
इन्फ्लूएंजा किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन छोटे बच्चों, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और हृदय, फेफड़े, किडनी या डायबिटीज जैसी पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक रहता है। कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। गंभीर संक्रमण निमोनिया जैसी जटिलताओं का कारण बन सकता है।
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