एम्स गोरखपुर में AI का बड़ा प्रयोग! IIT बॉम्बे के विशेषज्ञों ने समझाए इलाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए आयाम
गोरखपुर। चिकित्सा क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका को समझने और इसके सुरक्षित एवं प्रभावी इस्तेमाल की दिशा में एम्स गोरखपुर में दो दिवसीय ‘AI in Healthcare’ कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में IIT बॉम्बे के विशेषज्ञ चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों और मेडिकल छात्रों के साथ AI की संभावनाओं तथा इसके व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों एवं मेडिकल छात्रों को स्वास्थ्य सेवाओं में AI की उपयोगिता और आधुनिक तकनीक के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना है। विशेषज्ञों द्वारा मेडिकल डेटा के विश्लेषण, एक्स-रे, रेडियोलॉजी और मेडिकल इमेजिंग सहित विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाओं में AI के संभावित उपयोग की जानकारी दी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार AI बड़ी मात्रा में मेडिकल डेटा का विश्लेषण करने में चिकित्सकों की सहायता कर सकता है। रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग के क्षेत्र में यह संभावित असामान्यताओं की पहचान कर चिकित्सकों का ध्यान महत्वपूर्ण बिंदुओं की ओर आकर्षित करने में मददगार हो सकता है।
हालांकि, कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि मरीज के निदान और उपचार का अंतिम निर्णय चिकित्सक द्वारा ही लिया जाएगा। AI को चिकित्सकों के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि तकनीकी सहयोगी और सपोर्ट सिस्टम के तौर पर देखा जा रहा है।
यहां AI की संभावनाओं पर ही चर्चा नहीं हो रही बल्कि मरीजों की गोपनीयता, मेडिकल डेटा की सुरक्षा, AI से प्राप्त परिणामों की विश्वसनीयता और जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विशेष मंथन किया जा रहा है।
एम्स गोरखपुर की निदेशक प्रो. विभा दत्ता के नेतृत्व में संस्थान चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक के उपयोग की संभावनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रहा है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड