विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप, जांच रिपोर्ट का इंतजार
चौरीचौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर की ग्राम पंचायत तेंदुआ खुर्द में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये की कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। गांव निवासी कमला प्रसाद राजभर ने जिलाधिकारी गोरखपुर को शिकायत पत्र देकर ग्राम प्रधान और सचिव पर विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का भुगतान कराने तथा मौके पर कार्य नहीं होने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच कराए गए खड़ंजा मरम्मत, नाली निर्माण, विद्यालय में टाइल्स व रंगाई-पुताई, इंडिया मार्का हैंडपंप रिबोर, खाद गड्ढा निर्माण और कुआं मरम्मत समेत कई कार्यों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि कुछ कार्य अभिलेखों में दर्ज हैं, लेकिन मौके पर उनकी स्थिति अलग है।
शिकायत के अनुसार, डिह के स्थान से दक्षिण रामकृपाल के घर तक खड़ंजा मरम्मत के नाम पर करीब 2.50 लाख रुपये, भृगु के घर से रामबचन के घर तक पाइप द्वारा नाली निर्माण में करीब 3.60 लाख रुपये, इंद्रदेव के घर से रामबचन के घर तक नाली निर्माण में 1.59 लाख रुपये तथा मोती हरिजन के घर से राकेश हरिजन के घर तक खड़ंजा निर्माण में करीब दो लाख रुपये के भुगतान का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा विद्यालय में विभिन्न कार्यों के लिए करीब 4.76 लाख रुपये, इंडिया मार्का हैंडपंप रिबोर में 1.80 लाख रुपये, खाद गड्ढा निर्माण में 3.60 लाख रुपये और कुआं मरम्मत के नाम पर 80 हजार रुपये के भुगतान का भी शिकायत में जिक्र है।
मामले में ग्रामीण हरेंद्र, सोनू यादव, हेमचंद नायक, बेचन प्रसाद, सुनील गुप्ता, रामकृत, मोती और इंद्रदेव समेत अन्य ग्रामीणों ने भी जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अभिलेखों में दर्ज कार्यों और भुगतान का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
जांच टीम गठित, अभी नहीं हुआ स्थलीय सत्यापन
सहायक पंचायत अधिकारी ब्रह्मपुर रामगोपाल त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतकर्ता की ओर से जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। जिलाधिकारी की ओर से जांच के लिए टीम गठित कर बीएसए को जांच के लिए नामित किया गया था। हालांकि, अभी तक गांव में स्थलीय जांच नहीं कराई गई है।
वहीं, ग्राम सचिव अमित कुमार चौधरी ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि शिकायत के बाद जांच टीम ने अभिलेख मांगे थे, जिन्हें उपलब्ध करा दिया गया है। अब स्थलीय जांच कब होती है, यह संबंधित जांच टीम पर निर्भर है।
फिलहाल मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच के बाद ही शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड