शुरू न्यूज़
आकाशवाणी द्वारा 3 जुलाई 2026 को जारी एक संदेश में पत्नियों की जान लेने के पीछे के कई गंभीर कारणों को उजागर किया गया है। संदेश में बताया गया है कि पत्नियों की हत्याएं भागवत में नाचने पर, नाश्ता न बनाने पर, या किसी गैर मर्द से बात करने पर कर दी गईं। इसके अतिरिक्त, दहेज न लाने पर, बिना पूछे मायके चले जाने पर, या केवल पति के गुस्सा आने पर भी पत्नियों को मार दिया गया। यह भी सामने आया कि पत्नी के डॉक्टर होने या अनपढ़ होने जैसी भिन्न परिस्थितियों में भी उनकी जान ले ली गई।
यह संदेश एक तीखी टिप्पणी करता है कि “औरत सिर्फ बाजा है, जब मन चाहे बजाते रहो।” इन घटनाओं और इस विचार के माध्यम से, यह गंभीर प्रश्न उठाया गया है कि “मानव जीवन में क्या पत्नियों का कोई महत्व नहीं है?” संदेश में कहा गया है कि आज के समाज के सामने यह एक “यक्ष प्रश्न” के रूप में खड़ा है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड