रंगदारी मांगने के आरोप पर ग्राम प्रधान ने दी सफाई, बताया—ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर लगाया गया झूठा आरोप
रंगदारी मांगने के आरोप पर ग्राम प्रधान ने दी सफाई, बताया—ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर लगाया गया झूठा आरोप
प्रयागराज। बारा तहसील के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत मवैया गांव में ग्राम प्रधान पर रंगदारी मांगने के आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। अल्लापुर निवासी चंद्रेश शुक्ला पुत्र स्वर्गीय रामभिलाष शुक्ला ने मवैया गांव निवासी संतोष सिंह पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र प्रताप सिंह और उनके छोटे भाई संजय सिंह पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। आरोप लगाए जाने के बाद मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। शिकायतकर्ता चंद्रेश शुक्ला का आरोप है कि संतोष सिंह और उनके छोटे भाई संजय सिंह द्वारा उनसे रंगदारी की मांग की जा रही है। आरोप के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता और मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, दूसरी ओर ग्राम प्रधान संतोष सिंह और उनके छोटे भाई संजय सिंह ने लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। संतोष सिंह का कहना है कि वह मवैया ग्राम सभा के निर्वाचित ग्राम प्रधान हैं। उनके अनुसार ग्राम सभा की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका उन्होंने ग्राम प्रधान होने के नाते विरोध किया और जमीन पर अवैध कब्जा करने से रोकने का प्रयास किया। संतोष सिंह का आरोप है कि ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे का विरोध करने और मामले में हस्तक्षेप करने के कारण ही उनके खिलाफ रंगदारी मांगने जैसे गंभीर और झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका किसी से रंगदारी मांगने या किसी प्रकार का अवैध धन वसूलने से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। संतोष सिंह और संजय सिंह ने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की जाती है तो वह जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं। वहीं, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पुलिस स्तर से जांच किए जाने की बात सामने आ रही है। फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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