नौतन में अनोखी अंतिम यात्रा! ढोल-नगाड़ों की थाप पर निकली शवयात्रा, आर्केस्ट्रा डांस ने खींचा लोगों का ध्यान—वीडियो वायरल
पश्चिम चंपारण जिले के नौतन प्रखंड क्षेत्र के डबरिया मकरीटोला से एक ऐसी अंतिम यात्रा सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में लोगों को हैरान कर दिया है। आमतौर पर किसी की मृत्यु के बाद अंतिम यात्रा गम, मातम और शोक के माहौल में निकाली जाती है, लेकिन डबरिया मकरीटोला में एक बुजुर्ग की अंतिम विदाई का नजारा बिल्कुल अलग दिखाई दिया। यहां मृतक को अंतिम विदाई देने के लिए ढोल-नगाड़े बजाए गए, गाजे-बाजे की व्यवस्था की गई और सबसे खास बात यह रही कि शवयात्रा के दौरान आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति और डांस भी कराया गया।
बताया जा रहा है कि डबरिया मकरीटोला निवासी बुजुर्ग छठु पटेल के निधन के बाद उनके परिजनों ने अंतिम यात्रा को यादगार बनाने का फैसला किया। जैसे ही शवयात्रा घर से निकली, आगे-आगे मृतक का शव लेकर लोग चल रहे थे, जबकि पीछे ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ आर्केस्ट्रा कलाकार अपनी प्रस्तुति देते हुए आगे बढ़ रहे थे। सड़क पर निकल रही इस अनोखी शवयात्रा को देखकर आसपास के लोग भी रुकने लगे और देखते ही देखते सड़क के किनारे लोगों की भीड़ जुट गई।
आम अंतिम यात्राओं से बिल्कुल अलग इस नजारे ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक तरफ लोग मृतक की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें विदाई दे रहे थे, तो दूसरी तरफ आर्केस्ट्रा कलाकार संगीत और डांस की प्रस्तुति दे रहे थे। ढोल-नगाड़ों की आवाज और आर्केस्ट्रा के संगीत के बीच आगे बढ़ती शवयात्रा का यह दृश्य जिसने भी देखा, वह कुछ देर के लिए ठहर गया। यही वजह है कि इस अनोखी अंतिम यात्रा का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं।
लेकिन इस पूरी कहानी के पीछे परिवार की ओर से एक अलग वजह बताई जा रही है। मृतक के पुत्र मुकेश पटेल के मुताबिक, उनके पिता की इच्छा थी कि जब उनका निधन हो तो उनकी अंतिम विदाई गम और मातम के माहौल में नहीं, बल्कि उत्सव की तरह हो। पिता की इसी अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए परिवार ने उनकी शवयात्रा में ढोल-नगाड़े, गाजे-बाजे और आर्केस्ट्रा की व्यवस्था करने का निर्णय लिया।
परिवार का कहना है कि यह किसी तरह का दिखावा नहीं, बल्कि मृतक की अंतिम इच्छा को पूरा करने का प्रयास था। उनका मानना था कि जिस व्यक्ति ने पूरी जिंदगी परिवार और समाज के साथ खुशियां बांटीं, उसकी अंतिम विदाई भी उसी की इच्छा के मुताबिक होनी चाहिए। इसी सोच के साथ परिजनों ने पारंपरिक तरीके से अलग हटकर अंतिम यात्रा निकालने का फैसला किया।
वहीं, इस अनोखी शवयात्रा को लेकर इलाके में चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ लोग इसे अंतिम संस्कार की परंपराओं से बिल्कुल अलग बताते हुए सवाल उठा रहे हैं, तो कुछ लोगों का कहना है कि किसी व्यक्ति की अंतिम इच्छा को पूरा करना परिवार का अधिकार है और यदि मृतक स्वयं ऐसी विदाई की इच्छा जाहिर कर चुके थे, तो परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान किया है।
डबरिया मकरीटोला की इस अंतिम यात्रा में सबसे ज्यादा चर्चा आर्केस्ट्रा डांस की हो रही है। शवयात्रा के दौरान कलाकारों की प्रस्तुति और उसके आसपास जुटी भीड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला तेजी से लोगों के बीच पहुंच गया। वीडियो देखने के बाद लोग इस अंतिम यात्रा को लेकर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। कोई इसे अनोखी विदाई बता रहा है तो कोई इसे अंतिम संस्कार की गंभीरता से जोड़कर देख रहा है।
दरअसल, अंतिम विदाई का तरीका हर समाज, परिवार और व्यक्ति की मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। कहीं अंतिम यात्रा पूरी तरह शांत और शोकपूर्ण माहौल में निकलती है, तो कहीं मृतक की इच्छा या स्थानीय परंपरा के अनुसार अलग तरीके अपनाए जाते हैं। डबरिया मकरीटोला की यह घटना भी इसी वजह से चर्चा में है, क्योंकि यहां एक बुजुर्ग की अंतिम इच्छा को परिवार ने सामान्य परंपरा से अलग तरीके से पूरा किया।
फिलहाल नौतन के डबरिया मकरीटोला में निकली छठु पटेल की यह अनोखी अंतिम यात्रा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ढोल-नगाड़ों की थाप, गाजे-बाजे की धुन, आर्केस्ट्रा कलाकारों की प्रस्तुति और शवयात्रा का यह असामान्य दृश्य लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस घटना को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है।
अब इस अनोखी अंतिम यात्रा को लेकर लोगों की चर्चाएं जारी हैं। किसी के लिए यह अपने प्रियजन की अंतिम इच्छा का सम्मान है, तो किसी के लिए अंतिम संस्कार की पारंपरिक मर्यादाओं से अलग एक ऐसा दृश्य, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। लेकिन इतना जरूर है कि नौतन के डबरिया मकरीटोला में हुई छठु पटेल की यह अंतिम यात्रा लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहेगी।
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