रिपोर्टर पंजीकरण →
₹10
Logo Shuru News शुरू न्यूज़
logo

बिहार: आशा कार्यकर्ताओं पर हमला, सुरक्षा गार्ड पर गंभीर आरोप

S9 Bihar

स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ पर हमला! आशा से मारपीट, महिला गार्ड पर गंभीर आरोप, आशाओं का फूटा गुस्सा
स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ कही जाने वाली आशा कार्यकर्ता अगर खुद ही सुरक्षित नहीं रहें तो यह पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल से सामने आया यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। 25 जुलाई को आशा कार्यकर्ता हमीदा एक मरीज को लेकर अस्पताल पहुंची थीं। आरोप है कि डॉक्टर को दिखाने के दौरान अस्पताल में तैनात महिला सुरक्षा गार्ड अंशु देवी से उनकी कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। अस्पताल कर्मियों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग तो कर दिया, लेकिन मामला वहीं खत्म नहीं हुआ।
आरोप है कि अगले ही दिन 26 जुलाई को सुरक्षा गार्ड अंशु देवी ने चार आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ नामजद आवेदन देकर शिकारपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी। आवेदन में गले से मंगलसूत्र छीनने और पांच हजार रुपये लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। आशा संघ का कहना है कि जिस घटना की शुरुआत अस्पताल परिसर में हुई, उसी मामले में सुरक्षा गार्ड के आवेदन को अस्पताल से फॉरवर्ड कर थाना भेजा गया और तुरंत प्राथमिकी दर्ज हो गई। जबकि दूसरी ओर, जिन आशा कार्यकर्ता के साथ विवाद और मारपीट हुई, उन्हें अस्पताल प्रशासन की ओर से यह कहकर शांत रहने की सलाह दी गई कि मामला आपसी बातचीत से सुलझा लिया जाएगा और मुकदमा दर्ज नहीं कराया जाए।
मामला तब और गंभीर हो गया जब 31 जुलाई को बिहार राज्य आशा संघ ने नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद चिकित्सा प्रभारी के कार्यालय में करीब चार घंटे तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। अस्पताल के वरीय पदाधिकारी का कहना है कि सुरक्षा गार्ड को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी और विवाद का समाधान नहीं निकल सका।
इधर आशा कार्यकर्ता हमीदा की ओर से भी शिकारपुर थाने में आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदन के अनुसार, घटना के समय हमीदा अपनी दो माह की गर्भवती बेटी के साथ अस्पताल गई थीं। आरोप है कि सुरक्षा गार्ड अंशु देवी ने उनकी बेटी के पेट में लात मार दी, जिससे उसे रक्तस्राव शुरू हो गया। बाद में उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गर्भपात हो गया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि सुरक्षा गार्ड ने एक हजार रुपये छीन लिए, अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मारपीट की। इस आवेदन को भी अस्पताल प्रशासन से फॉरवर्ड कराने के बाद शिकारपुर थाने में मामला दर्ज कराया गया।
आशा संघ का कहना है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किए गए गार्ड यदि खुद मारपीट और विवाद का कारण बन जाएं तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। संघ का कहना है कि कोरोना काल से लेकर आज तक आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाया है। ऐसे में यदि वही आशा कार्यकर्ता अस्पताल परिसर में भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पूरे स्वास्थ्य विभाग के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
आशा संघ ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने पर संबंधित सुरक्षा गार्ड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा उसे अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान से हटाया जाए, ताकि अस्पताल का माहौल सुरक्षित बना रहे और भविष्य में किसी भी आशा कार्यकर्ता या मरीज के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।



location

Choose your state

अपना राज्य चुनें

1
2
3
Choose your State for regional news
क्षेत्रीय समाचारों के लिए अपना राज्य चुनें

ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

ANDHRA PRADESH

ARUNACHAL PRADESH

ASSAM

BIHAR

बिहार

CHANDIGARH

CHHATTISGARH

छत्तीसगढ़

DELHI

दिल्ली

GOA

GUJARAT

HARYANA

हरियाणा

HIMACHAL PRADESH

हिमाचल प्रदेश

JAMMU AND KASHMIR

जम्मू और कश्मीर

JHARKHAND

झारखंड

KARNATAKA

KERALA

LADAKH

LAKSHADWEEP

MADHYA PRADESH

मध्य प्रदेश

MAHARASHTRA

MANIPUR

MEGHALAYA

MIZORAM

NAGALAND

ODISHA

PUDUCHERRY

PUNJAB

RAJASTHAN

राजस्थान

SIKKIM

TAMIL NADU

TELANGANA

THE DADRA AND NAGAR HAVELI AND DAMAN AND DIU

TRIPURA

UTTAR PRADESH

उत्तर प्रदेश

UTTARAKHAND

उत्तराखंड

WEST BENGAL

आगे बढ़ने का मतलब ये है कि आप शूरा ऐप की नियम व शर्तों और प्राइवेसी नीतियों से सहमत हैं।
प्राइवेसी पॉलिसी