उत्तर प्रदेश में जनभागीदारी के साथ हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। इसी कड़ी में, ‘हरियाली का संकल्प, भविष्य का संरक्षण’ के ध्येय के साथ #एक_पेड़_माँ_के_नाम अभियान के अंतर्गत बागपत के पुरा महादेव मंदिर, भगवान परशुराम मंदिर और शनिदेव मंदिर में 11-11 छायादार पौधे रोपे गए। इन मंदिरों का धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है; मान्यता है कि पुरातन काल में भगवान परशुराम ने हरनंदी नदी के तट पर स्वयं भू महादेव शिव की प्राण प्रतिष्ठा कर रुद्राभिषेक का शुभारंभ किया था। यहाँ बिना किसी प्रार्थना के भी महादेव शिव भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं और सावन के महीने में करोड़ों शिवभक्त गंगोत्री हरिद्वार से पदयात्रा कर कांवड़ चढ़ाते हैं।
इस सराहनीय और प्रेरणादायक कदम पर मुख्य पुजारी पंडित जय भगवान शर्मा ने पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ को पेड़ लगाकर कांवड़ मनोरथ पूर्ण करने का आशीर्वाद दिया। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में आदित्य मोहन वशिष्ठ के पुत्र अधिराज मोहन वशिष्ठ, ज्योतिषाचार्य व सूर्यदेव उपासक पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ (पूर्व कार्यालय अधीक्षक नगर परिषद मोदीनगर एवं मीडिया कार्यक्रम प्रभारी अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा, पंजीकृत 1939 एनसीआर भारत), सुरेश, मुकेश, पंडित रोहित, नितिन और सैकड़ों ब्राह्मण समाज के युवक व ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी उपस्थित रहे। इस दौरान पंडित नरेश पाल कौशिक (अध्यक्ष) और डॉ. विजय कुमार मिश्र ने बधाई संदेश भेजकर कांवड़ियों द्वारा किए गए इस पौधारोपण कार्य के लिए आभार व्यक्त किया।
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