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सागर जिले के खिमलासा में अवैध रूप से सोयाबीन बीज बेचने के मामले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर और उपसंचालक कृषि राजेश त्रिपाठी के मार्गदर्शन में, कृषि विभाग खुरई ने खिमलासा स्थित शांति ऑटो पार्ट्स दुकान के संचालक बाहुबली जैन/संते जैन (सराफ) के खिलाफ यह कार्रवाई की। यह कदम विगत दिनों किसानों द्वारा मिली लिखित शिकायत के बाद उठाया गया, जिसमें बताया गया था कि जैन द्वारा अवैध रूप से सोयाबीन बीज बेचा जा रहा है।
किसानों की शिकायत पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए, कृषि और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने खिमलासा स्थित दुकान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, बाहुबली जैन के पास बीज विक्रय के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या बीज लाइसेंस नहीं मिला। टीम को गोदाम से 30-40 किलो क्षमता की खाली बीज बोरियां भी मिलीं और जगह-जगह बिखरे सोयाबीन के दानों से अवैध विक्रय की पुष्टि हुई। मौके पर 16 किसानों ने बाहुबली जैन से बीज खरीदने की पुष्टि की, कुछ ने ऑनलाइन भुगतान के स्क्रीनशॉट और पावती भी प्रस्तुत की। बाहुबली जैन ने भी किसानों को सोयाबीन बेचने की बात स्वीकार की।
शिकायतकर्ता और उपस्थित अन्य किसानों ने बताया कि बाहुबली जैन ने 25 जून से 1 जुलाई के बीच जेएस 2303, एम 85, पीएस 1569 प्रजाति के सोयाबीन बीज को ₹10,000 से ₹12,000 प्रति क्विंटल की कीमत पर बेचा था। बुवाई के 6-7 दिन बाद भी बीज का अंकुरण न होने पर किसानों ने कृषि विभाग खुरई में शिकायत दर्ज कराई थी। विस्तृत जांच के बाद, बाहुबली जैन/संते जैन (सराफ) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318/4, आवश्यक वस्तु अधिनियम और बीज नियंत्रण आदेश के तहत खिमलासा थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई में अनुविभागीय कृषि अधिकारी जय दत्त शर्मा, थाना प्रभारी खिमलासा राधेश्याम पटेल, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राजू चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह व महेंद्र जाटव, तथा आरक्षक चंद्रशेखर, गौरव और मलखान शामिल रहे।
उपसंचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी ने किसानों से अपील की है कि वे केवल वैध बीज लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही पक्का बिल प्राप्त बीज खरीदें और बुवाई से पहले अंकुरण परीक्षण अवश्य करें। उन्होंने किसानों को किसी भी अनियमितता की जानकारी तुरंत कृषि विभाग को देने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि भविष्य में भी कृषि आदानों में अनियमितता पाए जाने पर इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।
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