राजस्व कर्मचारी पर मजदूर ने लगाया पैसे लेने व धक्का-मुक्की का आरोप
गुरुआ (गया)। गुरुआ प्रखंड क्षेत्र की चिलोर पंचायत के गोसपुर गांव निवासी दिव्यांग मजदूर जुबैर आलम ने राजस्व कर्मचारी राघवेंद्र कुमार पर जमीन के दाखिल-खारिज के नाम पर दो हजार रुपये लेने के बावजूद काम नहीं करने तथा कार्यालय में उसके साथ धक्का-मुक्की कर बाहर निकालने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में अंचल अधिकारी मनीष कुमार को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच कर न्याय की गुहार लगाई है।
जुबैर आलम के अनुसार, उसने अपनी जमीन के दाखिल-खारिज के लिए राजस्व कर्मचारी को दो हजार रुपये दिए थे। संबंधित जमीन का खाता संख्या 125 एवं प्लॉट संख्या 72 बताया गया है। आरोप है कि रुपये देने के करीब एक माह बीत जाने के बाद भी दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इसके बाद उसने मामले की जानकारी लेने के लिए राजस्व कर्मचारी के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी।
पैसे वापस मांगने पर विवाद का आरोप
पीड़ित का कहना है कि जब वह राजस्व कर्मचारी के कार्यालय पहुंचा और दाखिल-खारिज का काम पूरा करने का आग्रह किया तो कथित तौर पर उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जुबैर के अनुसार, उसने जब काम नहीं होने की स्थिति में दिए गए दो हजार रुपये वापस करने की बात कही तो विवाद शुरू हो गया।
जुबैर ने आरोप लगाया कि इसी दौरान राजस्व कर्मचारी ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और उसे कार्यालय से बाहर निकाल दिया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसकी दिव्यांगता और कमजोर आर्थिक स्थिति का फायदा उठाया गया।
हालांकि, इस मामले में राजस्व कर्मचारी राघवेंद्र कुमार का पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी फिलहाल नहीं हुई है।
सीओ बोले- जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
मामले को लेकर अंचल अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मामला गैरमजरुआ जमीन की खरीद-बिक्री के बाद म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) कराने से संबंधित है। उन्होंने कहा कि म्यूटेशन करने से मना किए जाने के बाद तरह-तरह की बातें और हरकतें होने लगीं।
सीओ ने बताया कि फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान राजस्व कर्मचारी की ओर से किसी प्रकार की गलती सामने आती है तो जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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