नवनिर्मित गेट विवाद को लेकर बैरिया और लखौवां में फिर बवाल, मारपीट में कई लोगों के घायल होने की सूचना!!
नवनिर्मित गेट विवाद को लेकर बैरिया और लखौवां में फिर बवाल, मारपीट में कई लोगों के घायल होने की सूचना!!
गया जिले के वजीरगंज प्रखंड अंतर्गत सहिया पंचायत में नवनिर्मित प्रवेश द्वार को लेकर चल रहा विवाद आज एक बार फिर गंभीर रूप लेता नजर आया। गया-राजगीर मुख्य मार्ग NH-82 पर बैरिया गांव के प्रवेश द्वार पर बनाए गए गेट के नाम को लेकर पहले से जारी विवाद के बीच शनिवार को बैरिया और लखौवां गांव के ग्रामीणों के बीच हंगामा और मारपीट की सूचना सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं, बैरिया गांव के कई लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए वजीरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजे जाने की सूचना है। हालांकि, घायलों की संख्या और घटना के पूरे विवरण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।मामला सहिया पंचायत अंतर्गत बैरिया गांव के प्रवेश द्वार पर बनाए गए एक नवनिर्मित गेट से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, सहिया पंचायत के वर्तमान मुखिया मुरारी प्रसाद यादव, जो लखौवां गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, उनके द्वारा गया-राजगीर NH-82 के समीप गेट का निर्माण कराया गया था।गेट के मुख्य द्वार पर स्वर्ण अक्षरों में “मुरारी यादव प्रवेश द्वार, आदर्श ग्राम लखौवां” लिखा गया था। गेट पर लखौवां गांव का नाम अंकित किए जाने को लेकर बैरिया गांव के ग्रामीणों ने आपत्ति जताई।
ग्रामीणों का कहना था कि गेट बैरिया गांव के प्रवेश क्षेत्र में स्थित है, इसलिए उस पर बैरिया गांव का नाम भी अंकित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने गेट निर्माण से संबंधित पूरे लेखा-जोखा और निर्माण की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की मांग की थी।गेट पर लिखे नाम को लेकर दोनों गांवों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए वजीरगंज प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप किया। बताया जा रहा है कि वजीरगंज अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी की मौजूदगी में देर शाम विवादित गेट पर लिखे नाम और गांव के नाम को हटवा दिया गया था।प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और स्थिति को शांत बनाए रखना बताया जा रहा है। कार्रवाई के बाद देर रात तक मामला शांत रहा। लेकिन अगले दिन सुबह ही विवाद ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया।स्थानीय जानकारी के अनुसार, सुबह लखौवां गांव के कुछ ग्रामीण गेट पर दोबारा अपने गांव का नाम लिखने के लिए पहुंचे। इसकी जानकारी मिलने के बाद बैरिया गांव के ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद गेट पर नाम लिखने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया और मौके पर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थिति को देखते हुए बैरिया गांव के ग्रामीणों ने आपातकालीन सेवा डायल 112 को पर फोन कर पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलने के बाद डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची। बैरिया पक्ष के ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस टीम के सामने ही कहासुनी बढ़ते-बढ़ते मारपीट की स्थिति मे उत्पन्न हो गई और लखौवां गांव के कुछ लोग मारपीट पर उतारू हो गए।हालांकि, यह आरोप बैरिया गांव के ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इस पूरे विवाद से संबंधित एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि वीडियो में प्रशासन की मौजूदगी के दौरान कुछ लोगों के बीच मारपीट जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।
हालांकि, वीडियो की सत्यता, रिकॉर्डिंग का समय और उसमें दिखाई देने वाले सभी व्यक्तियों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति या पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।घटना के बाद बैरिया गांव के कई ग्रामीणों के घायल होने की सूचना मिल रही है। बताया जा रहा है कि घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए वजीरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। हालांकि, अभी तक घायलों की सटीक संख्या, उनकी चोटों की गंभीरता और दोनों पक्षों की ओर से हुई क्षति के संबंध में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राप्त पुष्टि के बाद ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।घटना के बाद वजीरगंज पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर मौजूद है। पुलिस की ओर से किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल स्थिति प्रशासन के नियंत्रण में बताई जा रही है।
दो गांवों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांति व्यवस्था बनाए रखना और विवाद को दोबारा हिंसक रूप लेने से रोकना है। वहीं, ग्रामीणों की ओर से पूरे मामले का निष्पक्ष समाधान निकालने की मांग की जा रही है।गेट पर लिखे नाम से शुरू हुआ विवाद अब बैरिया और लखौवां गांव के बीच तनाव और मारपीट की स्थिति तक पहुंच गया है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस विवाद का स्थायी समाधान कब निकलेगा?
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन गेट निर्माण, उस पर लिखे नाम और निर्माण से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर स्थिति स्पष्ट करे। साथ ही, दोनों गांवों के लोगों के बीच शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।अब देखना होगा कि वजीरगंज प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और दोनों गांवों के बीच बढ़ते विवाद को समाप्त करने के लिए किस प्रकार का स्थायी समाधान निकाला जाता है।
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