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झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया में जेजे कॉलेज के अस्तित्व, क्लस्टर सिस्टम और सीटों में कटौती के विरोध में चल रहा आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। इस सिलसिले में जेजे कॉलेज परिसर में ‘जेजे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और छात्र नेताओं ने एकजुट होकर सरकार के निर्णय का कड़ा विरोध किया और आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेश भारती की अध्यक्षता और सचिव देवेंद्र कुमार के संचालन में हुई इस बैठक में वक्ताओं ने जेजे कॉलेज को विनोबा भावे विश्वविद्यालय से हटाकर जेसी बोस विश्वविद्यालय से संबद्ध करने के फैसले को छात्र हित के खिलाफ बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। कोडरमा नगर पंचायत के अध्यक्ष साजिद हुसैन और डोमचांच नगर पंचायत अध्यक्ष उमेश वर्मा ने सरकार पर छात्र विरोधी निर्णय लेने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक, सीपीएम के असीम सरकार, राजद के विजय यादव, जेएलकेएम के कृष्णा यादव और आम आदमी पार्टी के सुधीर कुमार राम सहित अन्य वक्ताओं ने आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया और क्षेत्र के सांसद, विधायक व राज्य सरकार की निष्क्रियता की तीखी आलोचना की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 19 जुलाई को झुमरीतिलैया के झंडा चौक पर एक विशाल महाआमसभा का आयोजन किया जाएगा। संघर्ष समिति ने जिले के छात्रों, अभिभावकों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों से इस सभा में बड़ी संख्या में शामिल होकर आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने की अपील की है। समिति ने साफ कर दिया है कि क्लस्टर सिस्टम, सीटों में कटौती और विश्वविद्यालय संबद्धता के फैसले के विरोध में जेजे कॉलेज को उसका अधिकार मिलने तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
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