पत्रकार की कलम को भयमुक्त वातावरण और सम्मान मिलना जरूरी – अशोक वानखेड़े
जालना, महाराष्ट्र।
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में मातोश्री लान्स अंबड रोड़ जालना में आयोजित नौवें अन्तर्राष्ट्रीय पत्रकार सम्मान एवं सम्मेलन में देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ महाराष्ट्र के सभी जिलों से हजारों पत्रकारों ने भाग लिया। सम्मेलन में पत्रकार हित, सुरक्षा, अधिकार, उत्पीड़न, संगठन की शक्ति, भावी कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से किया गया। फिर मंचासीन अतिथि का सत्कार शाल, बुके, स्मृतिपत्र व स्मृति चिन्ह देकर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक अशोक वानखेड़े ने पत्रकारिता और पत्रकारों की समस्याओं पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखने का कार्य नहीं, बल्कि समाज की पीड़ा को आवाज देने और लोकतंत्र की रक्षा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि पत्रकार सुबह से लेकर देर रात तक समाज के बीच रहकर खबरें जुटाता है। कभी वह किसी पीड़ित परिवार के आंसू देखता है, कभी किसी गरीब की समस्या को अपनी खबर के माध्यम से शासन तक पहुंचाता है और कभी भ्रष्टाचार तथा अन्याय के खिलाफ सवाल खड़े करता है। इस जिम्मेदारी के पीछे पत्रकार का अपना सुख-चैन, समय और कई बार सुरक्षा भी दांव पर लगी होती है। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। प्रिंट मीडिया के साथ डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और स्वतंत्र पत्रकारिता का विस्तार हुआ है। इस बदलाव ने पत्रकारों के सामने नए अवसर पैदा किए हैं, लेकिन साथ ही नई चुनौतियां भी खड़ी की हैं। तेजी से खबर देने की होड़ में तथ्यपरकता और विश्वसनीयता बनाए रखना आज पत्रकार के सामने बड़ी चुनौती है। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि करें और पत्रकारिता की विश्वसनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि देश-विदेश और महाराष्ट्र के सभी जिलों से पत्रकारों का एक मंच पर एकत्रित होना पत्रकार एकता का महत्वपूर्ण संदेश है।
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने कहा कि किसी पत्रकार को सच लिखने के
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