पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा हटाने पर बवाल, कायस्थ महासभा ने जताया विरोध
गोरखपुर। यातायात तिराहे चौराहे के सुंदरीकरण के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा हटाए जाने को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया। प्रतिमा हटाए जाने की जानकारी मिलते ही कायस्थ महासभा के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौके पर पहुंचे और नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतिमा हटाने से पहले न तो उन्हें कोई सूचना दी गई और न ही यह स्पष्ट किया गया कि सुंदरीकरण के बाद प्रतिमा को दोबारा स्थापित किया जाएगा या नहीं। कायस्थ महासभा के लोगों ने कहा कि जब तक नगर निगम की ओर से प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पुन: स्थापित करने का लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। मांग पर विचार नहीं किया गया तो बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।
विरोध प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय कुमार श्रीवास्तव समेत कायस्थ महासभा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मौके पर पहुंचे नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि यातायात तिराहे चौराहे का सुंदरीकरण किया जा रहा है। कार्य के दौरान प्रतिमा को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे और उसका अपमान न हो, इसलिए उसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिमा हटाने की कोई योजना नहीं है। सुंदरीकरण का कार्य पूरा होने के बाद पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को भव्य तरीके से पुन: स्थापित किया जाएगा।
नगर निगम के आश्वासन के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने प्रतिमा की पुनर्स्थापना को लेकर लिखित आश्वासन की मांग दोहराई।
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