डस्टबिन घोटाले की शुरुआत तेजस्वी के कार्यकाल में हुई, मंगल पांडेय के साथ उनकी भी जांच हो: प्रशांत किशोर
डस्टबिन घोटाले की शुरुआत तेजस्वी के कार्यकाल में हुई, मंगल पांडेय के साथ उनकी भी जांच हो: प्रशांत किशोर
पटना | 02 सितंबर 2026
बिहार के बहुचर्चित डस्टबिन घोटाले को लेकर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के साथ-साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। PK ने कहा कि डस्टबिन की खरीद की प्रक्रिया तेजस्वी यादव के स्वास्थ्य मंत्री रहते शुरू हुई थी, इसलिए पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।
प्रशांत किशोर ने कहा कि इस मामले में सिर्फ वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की भूमिका की जांच करना पर्याप्त नहीं है। जिस समय डस्टबिन की खरीद की प्रक्रिया शुरू हुई, उस दौरान स्वास्थ्य विभाग तेजस्वी यादव के पास था। ऐसे में तेजस्वी यादव की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग में अनियमितता का लगाया आरोप
PK ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और सरकार पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी खरीद में गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच जिम्मेदार अधिकारियों और उस समय विभाग संभाल रहे लोगों तक पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर डस्टबिन की खरीद तेजस्वी यादव के कार्यकाल में शुरू हुई थी, तो जांच का दायरा केवल वर्तमान मंत्री तक सीमित क्यों रखा जाए?
मंगल पांडेय के साथ तेजस्वी पर भी उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट कहा कि डस्टबिन खरीद मामले में मंगल पांडेय के साथ-साथ तेजस्वी यादव की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खरीद प्रक्रिया में कहीं नियमों की अनदेखी या वित्तीय अनियमितता हुई थी या नहीं।
PK के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में डस्टबिन खरीद का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड