एसआईआर में मतदाता सूची की त्रुटियों के सुधार और समय सीमा बढ़ाने की मांग, खूंटी से आंदोलन की चेतावनी।
शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता।
खूंटी।
आदिवासी समन्वय समिति एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SIR प्रक्रिया में मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने और सुधार की समय सीमा 15 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की। समिति ने इस संबंध में ज्ञापन के माध्यम से जनहित में कई प्रस्ताव रखे।
समिति ने कहा कि SIR स्वच्छ लोकतंत्र की प्रक्रिया है, जिसका संगठन स्वागत करता है। हालांकि, खूंटी में लगभग 1,34,587 और पूरे जिले में करीब 4,30,453 नागरिकों का मतदाता सूची में पेंडिंग होना चिंता का विषय है। पिछले मतदाता सूची की डाटा एंट्री में हुई त्रुटियों के कारण स्थानीय नागरिकों और BLO समेत संबंधित कर्मियों को दस्तावेजों के नाम पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संगठनों ने मांग की कि BLO और स्थानीय ग्राम सभा के सत्यापन के आधार पर मतदाता सूची की त्रुटियों का सुधार एवं डाटा एंट्री सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी योग्य मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न हो। साथ ही, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में लोगों की कठिनाइयों को देखते हुए मतदाता सूची के प्रकाशन और सुधार की प्रक्रिया को 15 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में लोकसभा एवं विधानसभा सीटों का 100 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने, सभी आदिवासी निवास क्षेत्रों का पुनरावलोकन कर उन्हें पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में शामिल करने तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम शामिल होने की शिकायतों की जांच की मांग भी उठाई गई।
समिति ने कहा कि आदिवासी मूलवासियों के अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सकारात्मक निर्णय आवश्यक है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर खूंटी से जन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई, जिसे पूरे झारखंड में विस्तार देने की बात कही गई।
कार्यक्रम में मार्शल बरला, दामु मुंडा, चन्द्र प्रभात मुंडा, बिनसाय मुंडा, जोनसन होरो, नरेश तिर्की, बासिंह मुंडा, सोमा मुंडा, बिरतुस ओड़ेया, संतोष हस्सा, अमित पुर्ती, जोसेफ ढोडराय, डेविड हमसोय, अजीत हस्सा पुर्ती, जितेन सोय समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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