सरायकेला में 11वें आयुर्वेद दिवस पर जागरूकता वैन रवाना, स्कूली बच्चों को दी गई स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी*
सरायकेला-खरसावां- जिला आयुष कार्यालय और जिला आयुष समिति, सरायकेला-खरसावां के संयुक्त तत्वावधान में 11वें आयुर्वेद दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस 2026 की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” रखी गई है।
आम लोगों को आयुर्वेद एवं आयुष चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करने और इसके लाभों की जानकारी प्रसारित करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वैन विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को जागरूक करेगी।
आयुर्वेद दिवस पर अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय परिसर में प्राचार्य श्री राजेंद्र नाथ महतो के उपस्थिति में आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम कुमारी, आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. मोनालीसा दास और डॉ. शैलेश कुमार द्वारा बच्चों को आयुर्वेद का महत्व विस्तार से समझाया गया। चिकित्सकों ने बच्चों को दैनिक जीवन में आयुष पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए एक प्रेरणादायक संदेश दिया।कार्यक्रम में बच्चों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई:प्राकृतिक एवं संतुलित आहार: स्वस्थ शरीर के लिए सही पोषण का महत्व।नियमित योग-प्राणायाम: मानसिक और शारीरिक तंदुरुस्ती के लिए योग की आवश्यकता।स्वच्छता और दिनचर्या: बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई और सही रूटीन।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में अर्जुन और आंवला जैसी वनौषधियों के पौधों का रोपण (पौधारोपण) भी किया गया।
सदर अस्पताल सरायकेला में जन जागरूकता हेतु एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। नुक्कड़ सभा में निरोगी जीवन जीने के लिए आयुर्वेद अपनाने की अपील की गई। लोगों से सात्विक आहार अपनाने का आग्रह किया गया, जिसमें ताजे फल, सब्जियां, दूध, मेवे, अंकुरित अनाज, दाल और शुद्ध घी को भोजन में सम्मिलित करने की बात कही गई। चिकित्सकों के अनुसार, यह मन को शांति और एकाग्र प्रदान करता है। वहीं दूसरी ओर, मैगी, पिज्जा और बर्गर को ‘जहर’ बताते हुए इनसे पूरी तरह दूर रहने की कड़ी अपील की गई।
आयुष चिकित्सा पदाधिकारी पूनम कुमारी ने लोगों से अपील की कि सदर अस्पताल के पीछे आयुर्वेद औषधालय स्थित है, जहां आम जनता के लिए निःशुल्क जांच एवं दवा उपलब्ध कराई जाती है। सभी नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड