SIR-2026 को लेकर राजनीतिक दलों के साथ प्रमंडलीय आयुक्त की बैठक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने उठाए गंभीर सवाल
खतियानी दस्तावेजों में नाम बदलने और कपाली की बदली डेमोग्राफी को लेकर जताई चिंता।
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रवि गुप्ता की रिपोर्ट।
सरायकेला। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के सफल एवं पारदर्शी क्रियान्वयन को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण, दस्तावेजों के सत्यापन तथा मतदाताओं से जुड़े विभिन्न मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक श्री चंपई सोरेन ने SIR-2026 की प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने विशेष रूप से कपाली क्षेत्र की बदलती डेमोग्राफी का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए सवाल किया कि क्षेत्र के खतियानी आदिवासी मतदाता आखिर कहां चले गए।
चंपई सोरेन ने खतियानी दस्तावेजों में नामों में कथित बदलाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां पहले जयराम मांझी का नाम दर्ज था, वहां अब खतमा खातून का नाम दिखाई दे रहा है। उन्होंने इस तरह के मामलों की गंभीरता से जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की मांग की।
उन्होंने कहा कि SIR-2026 की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए, ताकि वास्तविक एवं पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रहें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। साथ ही उन्होंने पुराने खतियानी दस्तावेजों एवं वर्तमान मतदाता सूची के बीच अंतर की जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण से संबंधित अपनी आपत्तियां, सुझाव और शंकाएं प्रशासन के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर नियमानुसार जांच एवं आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
SIR-2026 के दौरान सामने आए ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच और वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा अब महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।
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