भंदारगोंदी के सरकारी स्कूल में दो दिन से बंद था मध्याह्न भोजन
पांढुर्णा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम भंदारगोंदी के एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला में गत तीन अगस्त से चार अगस्त यानी मंगलवार तक लगातार दो दिनों से बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं मिल रहा था आज मंगलवार को जब पत्रकार निलेश कलसकर स्कूल पहुंचे और बच्चों तथा स्कूल के प्रधान पाठक वानखेड़े से इस संबंध में बात की तब बच्चों ने बताया कि कल से उन्हें भोजन नहीं मिला है स्थिति यह थी कि जहां मंगलवार के निर्धारित मेनू के अनुसार बच्चों को खीर पूरी और आलू टमाटर की सब्जी मिलना चाहिए था वहीं स्कूल प्रशासन ने आनन फानन में दोपहर तीन बजे पोहा बनवाकर बच्चों में बंटवाया जबकि भोजन वितरण का तय समय दोपहर डेढ़ बजे का है
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद खुली स्कूल प्रशासन की नींद
इस पूरे मामले की जानकारी जब बीआरसी अधिकारी ब्रह्मेसर को फोन पर दी गई और पांढुर्णा की एसडीएम अलका एक्का से बात की गई तब जाकर स्कूल प्रशासन की नींद खुली और बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया वहीं इस संबंध में जब आंगनवाड़ी की बाल विकास परियोजना अधिकारी उषा पंद्रे को फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन तक नहीं उठाया आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए पांढुर्णा से भोजन आ रहा है जबकि पूर्व में करीब डेढ़ महीने से दूसरा समूह अपने निजी पैसों से आंगनवाड़ी के बच्चों को भोजन दे रहा था जिन्होंने इस्तीफा दिया था उन्होंने डेढ़ महीने तक आंगनवाड़ी में भोजन नहीं पहुंचाया और अब अचानक पांढुर्णा से मध्याह्न भोजन भेजा जा रहा है जबकि नियम यह है कि आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन स्कूल परिसर में ही बनना चाहिए इस पूरी घटना और अव्यवस्था के जिम्मेदार लापरवाह बाल विकास परियोजना के ही अधिकारी हैं
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