शुरू न्यूज़
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा राज्य के सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों को सुरक्षित, आपदा-प्रतिरोधी और जोखिम-मुक्त बनाने के लिए एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। इसके तहत स्कूल सेफ्टी एंड रिस्क असेसमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रयागराज के नैनी स्थित लेट बेला सिंह आईटीआई संस्थान में विशेषज्ञों के लिए तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। चयनित संस्था बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से प्रदेश के करीब 1.40 लाख सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों का स्कूल सेफ्टी एंड रिस्क असेसमेंट किया जाएगा।
इस परियोजना के तहत अलग-अलग चरणों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में 12 से 14 जुलाई तक फील्ड ऑडिटर और डिजास्टर एक्सपर्ट्स का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। इसके बाद 13 से 15 जुलाई तक फायर एवं इलेक्ट्रिकल एक्सपर्ट्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जबकि अगले चरण में सिविल व स्ट्रक्चरल एक्सपर्ट्स को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इस दौरान विशेषज्ञों को स्कूल सेफ्टी ऑडिट की मानक कार्यप्रणाली, मोबाइल ऐप आधारित डेटा संग्रह और रिपोर्टिंग सहित आपदा जोखिमों की पहचान का विस्तृत व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
परियोजना प्रबंधक सौरभ सिंह और केंद्र प्रबंधक शिवम शुक्ला ने बताया कि विशेषज्ञों का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इनकी संयुक्त टीमें पूरे प्रदेश के विद्यालयों में सुरक्षा आकलन का कार्य शुरू करेंगी। उन्होंने बताया कि प्रयागराज के अलावा लखनऊ, मथुरा, बस्ती और मुज़फ्फरनगर में भी इसी प्रकार के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए प्रशिक्षु अध्यापक धर्मेंद्र प्रजापति, प्रतापगढ़ से आईं प्रशिक्षु शिक्षिका श्रेया गुप्ता, खुशबू सरोज, प्रयागराज की नीतू वर्मा और ऑर्गेनाइजर सौरभ तिवारी ने योगी सरकार के इस प्रयास की सराहना की है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड