शुरू न्यूज़
सतना क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी देवेंद्र चौधरी और उनके कथित भांजे राकेश चौधरी पर प्रतिदिन 3 से 4 लाख रुपये तक की अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरटीओ में काम कराने आने वाले लोगों का कहना है कि दफ्तर की ज्यादातर फाइलें राकेश के कथित “कोड वर्ड” और लेनदेन के बिना आगे नहीं बढ़ती हैं।
आरोप है कि राकेश सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, फिर भी वे कार्यालय समय में दफ्तर के भीतर बैठकर सरकारी दस्तावेजों में दखल देते हैं। हाल ही में मीडिया की टीम ने उन्हें परिवहन अधिकारी के चेंबर के सामने बाबू की कुर्सी पर बैठकर काम करते हुए देखा, लेकिन कैमरा चालू होते ही वे वहां से भाग खड़े हुए। आरटीओ में काम कराने आने वाले लोगों का दावा है कि पहले भांजे से मिलना पड़ता है, उसके बाद ही मामा काम करते हैं। सूत्रों के अनुसार, फाइलों में लेनदेन तय होने के बाद ही भांजा उसे मामा के पास भेजता है और देवेंद्र चौधरी उस पर काम करते हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि देवेंद्र चौधरी का पिछले आठ वर्षों से इस कार्यालय में कड़ा प्रभाव है। उन पर पूर्व में दो बार हुए सागर तबादले को कथित तौर पर रुकवाने और करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने के भी आरोप लग रहे हैं। इस संबंध में जब परिवहन अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो पता चला कि वे मैहर में टीएल मीटिंग में व्यस्त हैं और उनका फोन भी नहीं लगा। ऐसे में चर्चा है कि क्या यह सब परिवहन अधिकारी के इशारे पर ही हो रहा है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष आना अभी बाकी है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड