लापता सफाईकर्मी के कंकाल की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं, विभागीय लाभ और अनुग्रह राशि के लिए महीनों से इंतजार
सुकरौली/कुशीनगर। सुकरौली विकासखंड क्षेत्र के धनहा गांव निवासी सफाईकर्मी योगेश के परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 17 जून को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए योगेश का करीब एक सप्ताह बाद बंचरा मंदिर के समीप मानव कंकाल मिला था। परिजनों ने कपड़ों और अन्य सामान के आधार पर कंकाल की पहचान योगेश के रूप में की थी। हालांकि, वैज्ञानिक जांच के बिना पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
शव काफी पुराना होने के कारण पोस्टमार्टम से मौत की वजह भी स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने पहचान की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए योगेश के पिता का रक्त नमूना लेकर डीएनए जांच के लिए भेजा था। परिजनों का कहना है कि काफी समय बीतने के बाद भी डीएनए रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। रिपोर्ट के इंतजार में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया भी अटकी हुई है।
सरकारी लाभ भी रुके
मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनने से परिवार को योगेश से संबंधित विभागीय लाभ, अनुग्रह राशि और अन्य जरूरी कागजी प्रक्रियाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। परिजनों के अनुसार, योगेश परिवार के लिए आर्थिक सहारा थे। उनके नहीं रहने से घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। बच्चों की पढ़ाई और परिवार के रोजमर्रा के खर्च को लेकर भी परेशानी बढ़ रही है।
परिवार का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। ऐसे में उन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द रिपोर्ट मंगवाकर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने और नियमानुसार मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
सहयोग के लिए पहुंचे लोग
इसी बीच 9 सितंबर को अजीत कुमार यादव, किशोरीलाल विश्वकर्मा, राजू भारती और विश्वप्रकाश राजन धनहा गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी और ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए प्रशासन से डीएनए जांच की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने की मांग की। परिवार ने भी अधिकारियों से मामले में तेजी लाने की गुहार लगाई है।
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