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बिहार के एक व्यक्ति द्वारा रद्दी या पुराना पेपर बेचकर गुजारा करने और अपनी जिंदगी की पूरी कमाई विभिन्न मुद्दों पर किताबें लिखने में खर्च कर देने का मामला सामने आया है, जिससे उन्हें 1 रुपये की भी आमदनी नहीं हुई। हालांकि, इसे सोशल मीडिया पर फैली एक आम गलतफहमी या स्थानीय काल्पनिक लोक-कथा बताया जा रहा है। किताब लिखने के इस जुनून में इंसान ने अपनी कमाई का सारा पैसा खर्च कर दिया।
पुराना या कबाड़ पेपर बेचकर कमाई करने और उससे पुस्तकें लिखने वाले किसी भी प्रमाणित या जाने-माने व्यक्ति का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। हालांकि नरेंद्र मोदी और भगवान श्री राम पर कई प्रसिद्ध लेखकों और पत्रकारों ने किताबें लिखी हैं, और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई पुस्तकें तैयार की हैं। देश के प्रतिष्ठित प्रकाशनों द्वारा लिखी गई इन किताबों का कबाड़ या रद्दी बेचने वाले किसी भी व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है।
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