विश्वकर्मा जी को ऋषि महाज जी ने क्यों सराप दिए ?
ऋषि महाराज जी का क्या नाम था ?
जानने के लिए वीडियो देखें:-
पौराणिक कथाओं (विशेषकर वामन पुराण) के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को एक ऋषि द्वारा बंदर बन जाने का श्राप मिला था। [1, 2]
किसने दिया श्राप?
ऋषि का नाम: यह श्राप एक ऋषि (कुछ कथा प्रसंगों में जिनका संबंध र्वेतध्वज/तपस्वी ऋषि से है) द्वारा दिया गया था। [1, 2]
क्यों दिया श्राप? (कारण)
घटना: पौराणिक प्रसंग के अनुसार, एक बार भगवान विश्वकर्मा ने अपनी पुत्री चित्रांगदा के साथ बहुत कठोर या अनुचित व्यवहार किया था।
क्रोध: जब उस ऋषि को विश्वकर्मा द्वारा अपनी पुत्री के प्रति किए गए इस क्रूर या कठोर व्यवहार का पता चला, तो वे अत्यधिक क्रोधित हो गए।
श्राप: ऋषि ने क्रोधित होकर भगवान विश्वकर्मा को श्राप दिया कि “जिस विश्वकर्मा ने अपनी पुत्री के साथ ऐसा क्रूर व्यवहार किया है, वह बंदर बन जाए”। [1]
श्राप का निवारण कैसे हुआ?
कथा के आगे के भाग के अनुसार, जब विश्वकर्मा जी को बंदर का रूप मिला, तो उन्होंने अप्सरा घृताची के संपर्क से बलवान पुत्रों (जैसे नल और नील) को जन्म दिया। [1]
पुत्रों के जन्म और आगे चलकर प्रभु श्रीराम की सहायता करने तथा त्रेतायुग/द्वापर की लीला पूरी होने पर विश्वकर्मा जी इस श्राप से मुक्त हुए और उन्हें अपना वास्तविक दिव्य रूप वापस मिल गया। [1, 2]
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