छतरपुर नगरपालिका में गरीबों की बेबसी पर सवाल: वायरल वीडियो में अधिकारी के बयान से मचा बवाल
छतरपुर। नगर पालिका के कथित “मलाईदार विभागों” को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो नगरपालिका की कार्यप्रणाली और गरीब फुटपाथ कारोबारियों के प्रति अधिकारियों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
वायरल वीडियो में हाथठेला और फुटपाथ पर कारोबार करने वाले कुछ व्यापारी नगरपालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया के सामने अपनी परेशानियां बताते नजर आ रहे हैं। एक व्यापारी अपनी पत्नी के भोपाल में चल रहे इलाज के लिए हर महीने करीब 10 हजार रुपये भेजने की मजबूरी बताता है। वहीं, एक अन्य व्यापारी इतना परेशान नजर आता है कि वीडियो में उसके द्वारा फांसी लगाने तक की बात कही जाती सुनाई दे रही है।
इसी दौरान वीडियो में उपयंत्री आमिर खान का कथित बयान—“आपके धंधे के जिम्मेदार हम नहीं हैं”—चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं उनका यह कहना भी सुनाई देता है कि “यह फुटपाथ आपकी जमीन नहीं है।”
निश्चित तौर पर शहर में अतिक्रमण हटाना नगरपालिका की जिम्मेदारी है और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखना भी जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि क्या कार्रवाई के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की परिस्थितियों को समझना और उनसे सम्मानजनक तरीके से संवाद करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है?
गरीब फुटपाथ व्यापारी अपनी रोजी-रोटी के लिए सड़क किनारे कारोबार करते हैं। यदि उनके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है तो क्या नगरपालिका उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था, व्यवस्थित वेंडिंग जोन या रोजगार का विकल्प उपलब्ध करा रही है?
वायरल वीडियो ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या नियमों का पालन करवाने के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी प्रशासन की जिम्मेदारी है?
अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो पर नगरपालिका प्रशासन क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या फुटपाथ कारोबारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाता है।
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