रक्षाबंधन की रात ‘भाई’ बने तिवारीपुर थाना प्रभारी विकास सिंह, एक घंटे में बेटी को पिता को सुपुर्द किया
गोरखपुर। रक्षाबंधन की रात जब अधिकांश घरों में खुशियां और भाई-बहन के प्रेम का जश्न मनाया जा रहा था, उसी समय थाना तिवारीपुर में एक पिता की आंखों से आंसू बह रहे थे। 54 वर्षीय बुजुर्ग अपनी बेटी के साथ थाने पहुंचे और घबराई आवाज में बोले—“साहब, मेरी बेटी घर से चली गई है… उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, कहीं कोई अनहोनी न हो जाए।” पिता की यह गुहार सुनकर तिवारीपुर थाना प्रभारी विकास सिंह ने पुलिस टीम को सक्रिय कर दिया। महिला की तलाश के लिए दो टीम बनाई।
एक टीम में उ0नि0 धर्मेंद्र कुमार यादव अपनी टीम के साथ तत्काल थाना प्रभारी विकास कुमार सिंह के निर्देश मिलते ही उन्होंने बिना समय गंवाए की तलाश शुरू कर दी। दूसरी टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। रात करीब आठ बजे महिला के एक चौराहे से ऑटो में बैठने का फुटेज मिला।
इधर सर्विलांस की मदद से मोबाइल की अंतिम लोकेशन गुलहरिया मिली। सीसीटीवी और सर्विलांस से मिले दोनों सुरागों को जोड़ते हुए उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार यादव टीम के साथ गुलहरिया रवाना हो गए। सूचना मिलने के करीब एक घंटे के भीतर महिला को सकुशल बरामद कर लिया गया,
महिला के मिलते ही थाने में भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। बहन ने दौड़कर उसे गले लगा लिया। दोनों बहनें फूट-फूटकर रो पड़ीं, जबकि पिता ने राहत की सांस लेते हुए पुलिस के सामने हाथ जोड़ते हुए धन्यवाद किया।
रक्षाबंधन की रात थाना प्रभारी विकास सिंह, उप निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार यादव व उनकी टीम की तत्परता और संवेदनशीलता ने पुलिस की वर्दी को मानवीय चेहरा पेश किया। यह कार्रवाई बताती है कि पुलिस के लिए हर मिनट कीमती है और संकट में फंसा हर परिवार अपना है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विकास कुमार सिंह , उ0नि0 धर्मेंद्र कुमार यादव, का0 अजीत, का0 कुलदीप, का0 उदय, का0 अमन तथा सर्विलांस सेल की टीम शामिल रही।
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