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झारखंड के पलामू में छुट्टी न मिलने के कारण प्रसव पीड़ा से तड़पती एक महिला शिक्षिका के पेट में ही नवजात बच्चे की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता का सीधा आरोप है कि शिक्षा विभाग और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय की ओर से समय पर चिकित्सा अवकाश स्वीकृत करने के एवज में 50,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
दूसरी ओर, पलामू के डीईओ संदीप कुमार ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें इस मामले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी और बाद में शाम को छुट्टी स्वीकृत कर दी गई थी। इस घटना पर आशीष भारद्वाज ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारियों पर जमकर भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि अधिकारी मोटे चमड़ी के हो चुके हैं, वे किसी की बात नहीं सुनते और सिर्फ अपनी मनमानी करते हैं।
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